MiddleEastTension – जंग के साए में होली, बंकरों में फंसे भारतीय
MiddleEastTension – ईरान और इजरायल के बीच तेज होते सैन्य टकराव ने विदेशों में काम कर रहे भारतीयों की होली की खुशियों पर विराम लगा दिया है। यूपी और बिहार के कई लोग, जो त्योहार पर घर लौटने की तैयारी में थे, अब बंकरों और अस्थायी शरणस्थलों में ठहरे हैं। खाड़ी देशों और इजरायल से उड़ानें रद्द होने के कारण उनकी वापसी फिलहाल टल गई है।

दुबई में धमाकों के बीच दहशत
गोरखपुर के रसूलपुर निवासी अब्दुल रहमान ने दुबई से फोन पर बताया कि एयरपोर्ट के आसपास उन्होंने आसमान में कई मिसाइलें देखीं, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने निष्क्रिय किया। एक मिसाइल पास में गिरी, हालांकि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। देर रात से लगातार सायरन और धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी नजदीक से मिसाइलों के हमले देखे, जिससे लोग घबराकर इमारतों से बाहर निकल आए।
रद्द हुई उड़ानें, रुकी घर वापसी
इजरायल के एस्टोद में कार्यरत गोरखपुर के संदीप कुमार की दो मार्च की फ्लाइट रद्द हो गई। वे होली पर परिवार से मिलने आने वाले थे। इसी तरह कप्पर काशिम इलाके में काम कर रहे जनार्दन ने बताया कि रविवार सुबह तक कई बार मिसाइल हमलों की आवाजें आती रहीं। शनिवार को हालात ज्यादा तनावपूर्ण रहे। कई श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, लेकिन उड़ानों पर रोक के कारण वे वहीं अटके हैं।
ईरान में पढ़ रहे छात्रों से संपर्क मुश्किल
सिद्धार्थनगर के कुछ छात्र धार्मिक शिक्षा के लिए ईरान गए हुए हैं। परिजनों के अनुसार हालिया घटनाओं के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवारों में चिंता का माहौल है। प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन संचार व्यवस्था प्रभावित होने से नियमित जानकारी मिलना कठिन हो गया है।
दोहा में भी फंसे यात्री
बिहार के सीवान निवासी जितेंद्र प्रसाद तीन साल बाद होली मनाने घर लौटने वाले थे। दोहा एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। फिलहाल उन्हें अन्य भारतीयों के साथ अस्थायी व्यवस्था में ठहराया गया है। ऐसे कई युवक हैं जो त्योहार से पहले घर पहुंचने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
यरुशलम के रिहायशी इलाकों में सतर्कता
कुशीनगर के नंदलाल विश्वकर्मा इस समय यरुशलम के वेस्ट बैंक क्षेत्र में हैं। उनका कहना है कि रिहायशी इलाकों में सायरन बजते ही लोग तुरंत बंकरों की ओर भागते हैं। शब्बात के दौरान सार्वजनिक परिवहन बंद रहता है, जिससे आवाजाही और मुश्किल हो जाती है। उन्होंने बताया कि छोटे हमलों से बचाव संभव है, लेकिन बड़े हमलों की आशंका लोगों को चिंतित कर रही है।
उत्तर प्रदेश में भी एहतियात
ईरान में शीर्ष नेतृत्व से जुड़ी घटनाओं के बाद उत्तर प्रदेश में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस और खुफिया इकाइयों को संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से शिया बहुल क्षेत्रों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
होली के मौके पर परिवारों की चिंता बढ़ी हुई है। विदेशों में फंसे लोग सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि उनके परिजन लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश में हैं।



