MiddleEastWar – अमेरिकी सलाहकार का दावा, चार से छह सप्ताह चल सकता है संघर्ष…
MiddleEastWar – पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। यह संघर्ष अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और इसके प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक महसूस किए जा रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ आर्थिक अधिकारी ने संकेत दिया है कि मौजूदा सैन्य अभियान कुछ और सप्ताह तक जारी रह सकता है। उनका कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और अंतिम निर्णय अमेरिकी नेतृत्व के स्तर पर लिया जाएगा।

पेंटागन के आकलन का हवाला
व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के प्रमुख केविन हैसेट ने एक टेलीविजन कार्यक्रम में बातचीत के दौरान बताया कि पेंटागन के प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह सैन्य अभियान लगभग चार से छह सप्ताह तक चल सकता है। उन्होंने कहा कि रक्षा विभाग के अनुमान के मुताबिक मिशन को पूरा करने में इतना समय लग सकता है, हालांकि परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव भी संभव है।
हैसेट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी सैन्य कार्रवाई की अवधि और उससे जुड़े अंतिम फैसले राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और स्थिति के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
हैसेट ने यह भी कहा कि संघर्ष के समाप्त होने के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। उनके अनुसार मौजूदा स्थिति का मुख्य कारण क्षेत्रीय तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका की ऊर्जा उत्पादन क्षमता पहले की तुलना में काफी मजबूत है, जिससे वैश्विक बाजार पर किसी एक देश का प्रभाव पहले जितना नहीं रह गया है। उनका मानना है कि इससे अमेरिका को ऊर्जा आपूर्ति के मामले में अपेक्षाकृत स्थिरता मिलती है।
तेल और गैस की कीमतों में तेजी
संघर्ष के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्टों के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इसका एक बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ा तनाव है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के लगभग एक-पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अमेरिकी प्रशासन की राय
अमेरिका के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने भी एक टीवी कार्यक्रम में कहा कि मौजूदा स्थिति के बावजूद ऊर्जा आपूर्ति में स्थायी संकट की संभावना कम है। उनके अनुसार यह स्थिति अस्थायी हो सकती है और आने वाले समय में आपूर्ति सामान्य होने के साथ कीमतों में गिरावट भी देखी जा सकती है।
राइट ने कहा कि मौजूदा सैन्य अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना है। उनका मानना है कि थोड़े समय की अस्थिरता के बाद ऊर्जा बाजार में संतुलन वापस आ सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर चर्चा
संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर सामने आया है। यह समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
अमेरिकी नेतृत्व ने कई देशों से इस मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग की अपील की है। चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों से भी इसमें भागीदारी की उम्मीद जताई गई है। हालांकि कुछ देशों ने इसे चुनौतीपूर्ण कार्य बताते हुए स्थिति का आकलन करने की बात कही है।
नागरिकों से संयम रखने की अपील
अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को देखते हुए यह अभियान आवश्यक माना जा रहा है।
अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा संघर्ष के कारण अल्पकालिक आर्थिक दबाव और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है, लेकिन दीर्घकाल में इससे क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।



