USReward – ईरान के नए सुप्रीम लीडर की जानकारी पर इनाम घोषित
USReward – अमेरिका ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई से जुड़ी जानकारी देने वाले लोगों के लिए नकद इनाम की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया है कि इस सूचना के बदले 10 मिलियन डॉलर तक का पुरस्कार दिया जा सकता है। यह घोषणा ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह इनाम केवल मोजतबा खामेनेई तक सीमित नहीं है। इसके साथ ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कई वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में जानकारी देने पर भी पुरस्कार रखा गया है। सूची में ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी और खुफिया एवं सुरक्षा मंत्री एस्माइल खातिब सहित कई उच्च पदस्थ अधिकारियों के नाम शामिल बताए गए हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग का बयान
अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि सूची में शामिल लोग ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े विभिन्न ढांचों का नेतृत्व करते हैं। अमेरिकी पक्ष का आरोप है कि यह संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई गतिविधियों की योजना और संचालन में भूमिका निभाता रहा है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के पास इन लोगों से जुड़ी उपयोगी जानकारी है, तो वह सुरक्षित डिजिटल माध्यमों के जरिए इसे साझा कर सकता है। विभाग ने संकेत दिया कि प्राप्त सूचना की उपयोगिता के आधार पर संबंधित व्यक्ति को पुरस्कार और सुरक्षा संबंधी सहायता दी जा सकती है।
‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम क्या है
यह इनाम अमेरिकी विदेश विभाग के ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत घोषित किया गया है। इस कार्यक्रम की शुरुआत उन सूचनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई थी जो वांछित व्यक्तियों की गिरफ्तारी या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई में मदद कर सकें।
अमेरिका पहले भी इस कार्यक्रम के माध्यम से कई अंतरराष्ट्रीय मामलों में सूचना देने वालों को आर्थिक पुरस्कार की पेशकश कर चुका है। अधिकारियों का कहना है कि इससे सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में मदद मिलती है।
मोजतबा खामेनेई को हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व से जुड़ा प्रमुख चेहरा माना जा रहा है। उनके पिता अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की राजनीतिक स्थिति पर वैश्विक स्तर पर चर्चा जारी है।
जी-7 बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 देशों के नेताओं के साथ हुई डिजिटल बैठक में ईरान से जुड़े हालात पर टिप्पणी की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने हालिया सैन्य अभियान को लेकर अपनी सरकार की रणनीति को सफल बताया।
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान की स्थिति कमजोर हो रही है और वह दबाव में है। उन्होंने अपने अभियान को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया।
हालांकि बैठक में मौजूद कई यूरोपीय नेताओं ने युद्ध की स्थिति को लेकर चिंता जताई और तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया।
यूरोपीय नेताओं ने जताई चिंता
रिपोर्टों के अनुसार जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बातचीत के दौरान संघर्ष को जल्द समाप्त करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी अन्य देश को इस स्थिति का रणनीतिक लाभ न मिले। नेताओं ने आर्थिक प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय नीतियों के प्रभाव पर भी चर्चा की।
क्षेत्रीय स्थिति पर अमेरिकी रक्षा मंत्री की टिप्पणी
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी हालिया घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि अमेरिकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल की घटनाओं में ईरान के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े कुछ लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर वैश्विक स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है और कई देश कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।



