झारखण्ड

ChildHeartCare – झारखंड में बच्चों के दिल के इलाज के लिए मुफ्त सर्जरी योजना

ChildHeartCare – झारखंड सरकार ने जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल शुरू की है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उनका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत जरूरतमंद बच्चों को राज्य के बाहर प्रतिष्ठित अस्पतालों में भेजकर सर्जरी कराई जाएगी, जिससे उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। इस पहल का उद्देश्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।

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मेगा हेल्थ कैंप में होगी जांच और चयन प्रक्रिया
इस योजना के तहत 10 और 11 अप्रैल को रांची के सदर अस्पताल में विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस कैंप में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्चों की जांच करेगी, जिसमें ईको सहित अन्य जरूरी परीक्षण शामिल होंगे। जांच के बाद जिन बच्चों में सर्जरी की आवश्यकता पाई जाएगी, उन्हें आगे के इलाज के लिए चयनित किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विशेषज्ञों की देखरेख में होगी।

राज्य के बाहर प्रतिष्ठित अस्पतालों में होगा इलाज
चयनित बच्चों का इलाज देश के नामी अस्पतालों में कराया जाएगा। अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि में बच्चों की मुफ्त सर्जरी की जाएगी, वहीं श्री सत्य साईं संजीवनी ट्रस्ट के माध्यम से अहमदाबाद, दिल्ली, गोवा और अन्य स्थानों के अस्पतालों में भी ऑपरेशन की सुविधा दी जाएगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि बच्चों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं मिल सकें और उनके उपचार में कोई कमी न रहे।

परिजनों के लिए भी पूरी तरह निःशुल्क व्यवस्था
इस योजना की खास बात यह है कि बच्चों के साथ उनके अभिभावकों के लिए भी यात्रा और ठहरने की सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इलाज के दौरान किसी अतिरिक्त बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा। सर्जरी के बाद बच्चों का नियमित फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे उनकी रिकवरी पर लगातार नजर रखी जा सके।

जिलों में नियमित अंतराल पर होगी स्क्रीनिंग
इस कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में समय-समय पर स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे। हर तीन से चार महीने के अंतराल पर अलग-अलग क्षेत्रों में शिविर लगाकर बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि काम व्यवस्थित तरीके से हो सके और ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक यह सुविधा पहुंचे।

समन्वय और निगरानी के लिए नियुक्त अधिकारी
योजना के संचालन और निगरानी के लिए राज्य स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। संबंधित समन्वयक और अस्पताल प्रतिनिधि इस पूरे कार्यक्रम की देखरेख करेंगे, जिससे इलाज की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। प्रशासनिक स्तर पर भी इस पहल को गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

लोगों से सहयोग और जानकारी साझा करने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अपने आसपास ऐसे बच्चों की जानकारी साझा करें, जो हृदय रोग से पीड़ित हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में संपर्क कर इस योजना का लाभ उठाएं। समय पर जानकारी मिलने से अधिक से अधिक बच्चों को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

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