झारखण्ड

EDAction – अवैध कोयला खनन मामले में 100 करोड़ की संपत्ति जब्त

EDAction – बंगाल और झारखंड में ईसीएल के पट्टे वाले इलाकों में कथित अवैध कोयला खनन और चोरी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने जांच के दौरान करीब 100.44 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई धन शोधन से जुड़े आरोपों की पड़ताल के क्रम में की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला संगठित तरीके से संचालित अवैध खनन और परिवहन नेटवर्क से जुड़ा है।

ed illegal coal mining asset seizure

WhatsApp Group Join Now

गिरोह की भूमिका की जांच

जांच एजेंसियों का कहना है कि अवैध खनन गतिविधियों के पीछे अनूप मांझी उर्फ लाला नामक व्यक्ति और उसके सहयोगियों की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि पट्टे वाले क्षेत्रों से कोयले का अवैध उत्खनन कर उसे निर्धारित प्रक्रिया से हटकर विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जाता था।

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस काम के लिए एक समानांतर तंत्र विकसित किया गया था, जो वैध कागजात जैसा दिखने वाला दस्तावेज तैयार करता था। इन दस्तावेजों के आधार पर कोयले के परिवहन को सामान्य दिखाने की कोशिश की जाती थी।

‘लाला पैड’ के नाम से चलन में था फर्जी चालान

जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध परिवहन के लिए एक विशेष प्रकार का फर्जी चालान इस्तेमाल किया जाता था, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘लाला पैड’ कहा जाता था। यह दस्तावेज कथित तौर पर कर चालान जैसा प्रतीत होता था, लेकिन जांच में पाया गया कि कई फर्में केवल कागजों पर मौजूद थीं।

अधिकारियों का कहना है कि इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए कोयले की खेप को पश्चिम बंगाल की विभिन्न फैक्ट्रियों तक भेजा जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में कथित रूप से स्थानीय स्तर पर मिलीभगत की भी जांच की जा रही है।

परिवहन के दौरान अपनाई जाती थी खास तरकीब

जांच एजेंसी के अनुसार, ट्रांसपोर्टरों को फर्जी चालान के साथ 10 या 20 रुपये का एक नोट दिया जाता था। वाहन चालक उस नोट को ट्रक या डंपर की नंबर प्लेट के पास रखकर उसकी तस्वीर खींचते थे और संबंधित संचालक को भेजते थे।

बताया जाता है कि इसके बाद वह तस्वीर संदेश के माध्यम से मार्ग में पड़ने वाले कुछ अधिकारियों तक पहुंचाई जाती थी, ताकि वाहन को रोका न जाए। यदि जांच के दौरान रोका भी जाए, तो कथित तौर पर उसे आगे बढ़ने की अनुमति मिल सके। एजेंसियां इस प्रक्रिया की सत्यता और इसमें शामिल संभावित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

2742 करोड़ रुपये के लेनदेन का दावा

जांच में जब्त किए गए रजिस्टर, डिजिटल रिकॉर्ड, लेखा सॉफ्टवेयर डेटा और संदेशों के विश्लेषण से बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन के संकेत मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि गिरोह ने अपराध से अर्जित लगभग 2,742 करोड़ रुपये का लेनदेन किया।

प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि धन के स्थानांतरण के लिए हवाला जैसे अनौपचारिक माध्यमों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। इस पूरे मामले में धन के स्रोत, प्रवाह और अंतिम उपयोग की जांच की जा रही है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी

अधिकारियों के मुताबिक, जब्त की गई संपत्तियां फिलहाल अस्थायी रूप से कुर्क की गई हैं। आगे की कानूनी कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार होगी। संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है।

यह मामला कोयला खनन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों और उनसे जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। एजेंसियां दावा कर रही हैं कि साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.