झारखण्ड

Koderma Development – हेमंत सोरेन ने तेज विकास और नए आंबेडकर विश्वविद्यालय का दिया भरोसा

Koderma Development – झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को कोडरमा के लोकाई मैदान में आयोजित कार्यकर्ता मिलन समारोह में स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले समय में कोडरमा जिले के विकास की रफ्तार पहले से कहीं अधिक होगी। उन्होंने घोषणा की कि पड़ोसी चतरा जिले में एक बड़े आंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जिससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस परियोजना को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए सरकार तेजी से काम करेगी। अपने संबोधन में उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं और आम जनता से संवाद करते हुए राज्य सरकार की विकास प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा।

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अभ्रक उद्योग से जुड़े सवाल और केंद्र पर आरोप

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कोडरमा के ऐतिहासिक अभ्रक उद्योग का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय यह क्षेत्र अपनी खनिज संपदा के लिए विश्वभर में जाना जाता था, लेकिन नीतिगत कारणों से यह उद्योग धीरे-धीरे बंद हो गया। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इससे जिले के आर्थिक हालात पर प्रतिकूल असर पड़ा। बजट आवंटन को लेकर भी उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड को अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिली है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि राज्य के अधिकारों की अनदेखी होगी तो सरकार लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी। इसी दौरान पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता समेत कई स्थानीय नेताओं ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की सदस्यता ग्रहण की, जिसे मुख्यमंत्री ने कोडरमा के लिए सकारात्मक संकेत बताया।

झारखंड की ऐतिहासिक उपेक्षा पर मुख्यमंत्री की चिंता

लोकाई मैदान की सभा में मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि झारखंड का गठन लंबे संघर्षों के बाद हुआ, फिर भी विकास के मामले में इसे लंबे समय तक पीछे रखा गया। उन्होंने कहा कि राज्य खनिज संपदा से समृद्ध है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ यहां के लोगों तक नहीं पहुंच पाया। उनके अनुसार, देश के बड़े शहरों के विकास में झारखंड के संसाधनों का योगदान रहा है, जबकि राज्य खुद कई बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार अपने हक के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगी।

शिक्षा और रोजगार को विकास की धुरी बताया

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षा और रोजगार को राज्य के विकास का मूल आधार बताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में लगभग 26 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जो उनकी सरकार की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पढ़ाएं और उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि युवाओं की कुछ मांगें अभी पूरी तरह पूरी नहीं हो पाई हैं, लेकिन सरकार उन्हें पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

परीक्षाओं में पारदर्शिता और नई पहचान

मुख्यमंत्री ने झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि पहले लंबे समय तक परीक्षाएं नियमित रूप से नहीं होती थीं, लेकिन अब पिछले पांच वर्षों में यह प्रक्रिया निरंतर बनी हुई है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि इस बार झारखंड के एक सामान्य परिवार के बेटे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य का नाम रोशन किया है, जिससे पूरे राज्य को सम्मान मिला है। उनके अनुसार, यह नई पीढ़ी के आत्मविश्वास और संभावनाओं का प्रतीक है।

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