KishoreKumar – दोस्ताना के गाने में छा गई थी किशोर कुमार की आवाज
KishoreKumar – हिंदी फिल्म संगीत के इतिहास में मोहम्मद रफी और किशोर कुमार का नाम हमेशा बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। दोनों गायकों की अपनी अलग पहचान और शैली थी। जहां रफी अपनी क्लासिकल पकड़ और मधुर गायकी के लिए जाने जाते थे, वहीं किशोर कुमार अपनी अलग आवाज और भावनात्मक अभिव्यक्ति से श्रोताओं का दिल जीत लेते थे। कई फिल्मों में दोनों ने साथ गाने भी गाए, लेकिन एक रिकॉर्डिंग ऐसी भी रही जिसकी चर्चा आज तक होती है।

‘दोस्ताना’ की रिकॉर्डिंग से जुड़ा दिलचस्प किस्सा
साल 1980 में रिलीज हुई फिल्म ‘दोस्ताना’ में अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म का लोकप्रिय गीत “सलामत रहे दोस्ताना हमारा” आज भी दोस्ती के सबसे चर्चित गीतों में गिना जाता है। इस गाने को मोहम्मद रफी और किशोर कुमार ने मिलकर आवाज दी थी।
पंडित रोनू मजूमदार ने एक इंटरव्यू में इस गाने की रिकॉर्डिंग से जुड़ा रोचक अनुभव साझा किया था। उन्होंने बताया कि रिकॉर्डिंग के दिन मोहम्मद रफी समय पर स्टूडियो पहुंच गए थे और उन्होंने पूरी गंभीरता से गाने की रिहर्सल भी कर ली थी। दूसरी तरफ किशोर कुमार काफी देर से पहुंचे और स्टूडियो में आते ही मस्ती-मजाक शुरू कर दिया।
स्टूडियो में मस्ती करते रहे किशोर कुमार
पंडित रोनू के मुताबिक, किशोर कुमार रिकॉर्डिंग से पहले बेहद हल्के अंदाज में नजर आ रहे थे। वह रफी साहब के साथ हंसी-मजाक करते रहे। कभी शरारत करते तो कभी मजेदार बातें करने लगते। वहां मौजूद कई लोगों को लगा कि शायद किशोर कुमार गाने को लेकर गंभीर नहीं हैं और इस बार रफी साहब अपनी गायकी से पूरी महफिल लूट लेंगे।
क्योंकि रफी साहब अपनी तैयारी और अनुशासन के लिए जाने जाते थे, इसलिए रिकॉर्डिंग शुरू होने से पहले माहौल ऐसा ही बन गया था कि क्लासिकल अंदाज में उनकी पकड़ भारी पड़ेगी।
रिकॉर्डिंग शुरू होते ही बदल गया माहौल
जब रिकॉर्डिंग शुरू हुई तो सबसे पहले मोहम्मद रफी ने अपना हिस्सा गाया। उनकी मीठी और साफ आवाज ने स्टूडियो में मौजूद लोगों को प्रभावित कर दिया। लेकिन जैसे ही किशोर कुमार ने गाना शुरू किया, माहौल पूरी तरह बदल गया।
पंडित रोनू ने बताया कि किशोर कुमार की आवाज में उस दिन अलग ही ऊर्जा थी। उन्होंने कहा कि रफी साहब हमेशा की तरह शानदार थे, लेकिन उस खास रिकॉर्डिंग में किशोर कुमार की आवाज का असर बेहद गहरा था। उनके अनुसार, किशोर की गायकी में ऐसी ताकत थी जिसने सभी को चौंका दिया।
दोनों गायकों की थी अलग पहचान
मोहम्मद रफी और किशोर कुमार के बीच अक्सर तुलना होती रही, लेकिन दोनों की गायकी का अंदाज अलग था। रफी जहां हर तरह के सुर और रेंज में सहज माने जाते थे, वहीं किशोर कुमार भावनाओं और स्क्रीन प्रेजेंस के हिसाब से अपनी आवाज को ढालने में माहिर थे।
सत्तर और अस्सी के दशक में किशोर कुमार कई बड़े सितारों की आवाज बने। खासतौर पर राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन पर फिल्माए गए उनके गाने बेहद लोकप्रिय हुए। दूसरी तरफ रफी की गायकी भी लगातार लोगों के दिलों में बनी रही।
फिल्म के गाने हुए थे सुपरहिट
‘दोस्ताना’ फिल्म के सभी गानों को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। “सलामत रहे दोस्ताना हमारा” के अलावा “दिल्लगी ने दी हवा” और “बहुत खूबसूरत एक लड़की” जैसे गीत भी काफी चर्चित हुए थे। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था और इसके गाने आज भी पुराने संगीत प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं।