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UPSCReform – अब एक हफ्ते में जारी होगी प्रारंभिक परीक्षा की आंसर-की

UPSCReform – संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब उम्मीदवारों को परीक्षा की आधिकारिक आंसर-की के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यूपीएससी अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने जानकारी दी है कि प्रारंभिक परीक्षा खत्म होने के एक सप्ताह के भीतर प्रोविजनल आंसर-की आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। इस फैसले को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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मेरठ दौरे के दौरान दी जानकारी

रविवार को मेरठ स्थित पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय डोगरा लाइंस समेत कई परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के दौरान यूपीएससी अध्यक्ष ने यह घोषणा की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आयोग लगातार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और अभ्यर्थी हित में बनाने पर काम कर रहा है। उनका कहना था कि लाखों युवाओं की मेहनत और उम्मीदें इस परीक्षा से जुड़ी होती हैं, इसलिए परीक्षा से संबंधित हर प्रक्रिया समयबद्ध और स्पष्ट होनी चाहिए।

अभ्यर्थी खुद कर सकेंगे OMR मिलान

नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीदवार आयोग के पोर्टल पर जाकर अपने OMR उत्तरों का मिलान कर सकेंगे। इससे उन्हें यह समझने में आसानी होगी कि उन्होंने परीक्षा में कितने प्रश्न सही किए हैं। साथ ही यदि किसी प्रश्न या उत्तर को लेकर कोई आपत्ति हो तो उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से अपनी चुनौती भी दर्ज करा सकेंगे।

आयोग के अनुसार, अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ही आपत्तियां दर्ज करनी होंगी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक 31 मई 2026 तक उम्मीदवार अपने उत्तर और प्रोविजनल आंसर-की देख सकेंगे।

आपत्ति दर्ज कराने के लिए तय हुए सख्त नियम

यूपीएससी ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल सामान्य दावों के आधार पर आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। उम्मीदवार को यह बताना होगा कि संबंधित प्रश्न का सही उत्तर क्या है और उसका आधार क्या है। इसके अलावा दावे के समर्थन में कम से कम तीन प्रमाणिक स्रोत या मान्य पुस्तकों के संदर्भ अपलोड करना अनिवार्य होगा।

आयोग ने कहा है कि सभी आपत्तियों की जांच विषय विशेषज्ञों की समिति करेगी। विशेषज्ञों द्वारा तथ्यों और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही अंतिम आंसर-की जारी की जाएगी। इससे गलत या आधारहीन आपत्तियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

पारदर्शिता को प्राथमिकता देने का दावा

डॉ. अजय कुमार ने कहा कि यूपीएससी की विश्वसनीयता हमेशा उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि परीक्षा प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों का भरोसा और मजबूत हो। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन में निष्पक्षता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

उनका यह भी कहना था कि आयोग लगातार ऐसी व्यवस्थाएं विकसित कर रहा है, जिससे छात्रों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े और उन्हें समय पर जरूरी जानकारी मिल सके।

मेरठ सहित तीन नए शहरों में बने परीक्षा केंद्र

इस वर्ष यूपीएससी ने उम्मीदवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन नए शहरों में परीक्षा केंद्र शुरू किए हैं। इनमें मेरठ भी शामिल है। पहली बार मेरठ को सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के केंद्र के रूप में शामिल किया गया है। आयोग का मानना है कि नए केंद्र बनने से उम्मीदवारों को दूर-दराज यात्रा करने की जरूरत कम होगी।

यूपीएससी अध्यक्ष ने मेरठ में परीक्षा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को संतोषजनक बताया। उन्होंने जिला प्रशासन की तैयारियों की भी सराहना की।

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