KidneyHealth – वायरल बुखार के बाद भी रखें सतर्कता, किडनी पर पड़ सकता है असर
KidneyHealth- बारिश और मौसम में बदलाव के दौरान वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ते हैं। अधिकतर लोगों का बुखार कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, जिसके बाद वे यह मान लेते हैं कि बीमारी पूरी तरह खत्म हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ मामलों में संक्रमण के बाद शरीर के विभिन्न अंगों पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए बुखार उतरने के बाद भी शरीर में दिखाई देने वाले असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

विशेषज्ञों ने क्यों दी सावधानी बरतने की सलाह
मैक्स हॉस्पिटल, साकेत के यूरोलॉजी, रीनल ट्रांसप्लांट और रोबोटिक्स विभाग के चेयरमैन डॉ. अनंत कुमार के अनुसार, वायरल संक्रमण के बाद कुछ मरीजों में किडनी पर भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि यह समस्या हर व्यक्ति में नहीं होती, लेकिन जिन लोगों को पहले से किडनी, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य गंभीर बीमारियां हैं, उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है। समय रहते जांच और उपचार से जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
किन संकेतों को हल्के में न लें
यदि वायरल बुखार ठीक होने के बाद भी कमजोरी लंबे समय तक बनी रहे, पेशाब की मात्रा में बदलाव आए, पैरों या चेहरे पर सूजन दिखाई दे, पेशाब करते समय तकलीफ हो या उसका रंग असामान्य लगे, तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित माना जाता है। इसके अलावा लगातार थकान, भूख कम लगना या शरीर में सूजन जैसे लक्षण भी जांच की आवश्यकता का संकेत हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लक्षणों को सामान्य रिकवरी समझकर टालना सही नहीं है।
किन लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत
बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज वायरल संक्रमण के बाद अपेक्षाकृत अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार रिकवरी के दौरान नियमित निगरानी रखनी चाहिए। यदि पहले से किडनी संबंधी बीमारी हो, तो बिना सलाह के दर्द निवारक दवाओं या अन्य दवाओं का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
रिकवरी के दौरान क्या रखें ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार, वायरल बुखार के बाद पर्याप्त आराम करना, शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना और संतुलित भोजन लेना जरूरी है। डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं का पूरा कोर्स पूरा करना भी महत्वपूर्ण है। यदि बुखार दोबारा लौट आए या कोई नया लक्षण दिखाई दे, तो स्वयं उपचार करने के बजाय चिकित्सक से संपर्क करना बेहतर रहेगा। संक्रमण के बाद शरीर को पूरी तरह सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है, इसलिए जल्दबाजी से बचना चाहिए।
समय पर जांच से कम हो सकता है जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश वायरल बुखार बिना किसी गंभीर जटिलता के ठीक हो जाते हैं। फिर भी यदि रिकवरी सामान्य न लगे या किडनी से जुड़े संभावित लक्षण दिखाई दें, तो समय पर जांच कराना सुरक्षित विकल्प है। शुरुआती चरण में समस्या की पहचान होने पर उपचार अधिक प्रभावी हो सकता है और गंभीर जटिलताओं की संभावना भी कम की जा सकती है।