MedicalCollege – झारखंड में नए मेडिकल कॉलेज को मंजूरी, MBBS सीटों में हुआ बड़ा इजाफा
MedicalCollege- झारखंड में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र को नई मजबूती मिली है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दुमका जिले के रानिश्वर स्थित सिदो-कान्हू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को 100 एमबीबीएस सीटों के साथ नए निजी मेडिकल कॉलेज के रूप में मंजूरी प्रदान की है। आयोग की ओर से जारी सीट मैट्रिक्स में इस संस्थान को ‘New Establishment’ श्रेणी में शामिल किया गया है। इस फैसले के बाद राज्य में मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों, दोनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

राज्य में बढ़ी एमबीबीएस सीटों की संख्या
नए मेडिकल कॉलेज को अनुमति मिलने के साथ ही झारखंड में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 1130 से बढ़कर 1500 हो जाएगी। यह बढ़ोतरी केवल नए संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के मेडिकल कॉलेजों में सीटों का विस्तार किया गया है। इससे आगामी शैक्षणिक सत्र में अधिक छात्रों को राज्य के भीतर मेडिकल शिक्षा का अवसर मिल सकेगा।
कई संस्थानों में बढ़ाई गई सीटें
एनएमसी ने वर्ष 2026-27 के लिए कुल 370 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दी है। रिम्स, रांची में 70 सीटें बढ़ाकर कुल संख्या 250 कर दी गई है। वहीं मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज की क्षमता 200 से बढ़ाकर 250 सीट, लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की 100 से 150 सीट और नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की सीटें 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई हैं। इन सभी बदलावों से राज्य में मेडिकल शिक्षा का दायरा और विस्तृत होगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया संस्थान
सिदो-कान्हू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के निदेशक मुरली नायर ने बताया कि संस्थान में आधुनिक चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के अनुरूप आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अस्पताल में पिछले चार वर्षों से 650 बेड की सुविधा संचालित है। इसके अलावा मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन, डायलिसिस और अन्य आधुनिक चिकित्सा सेवाएं भी मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सरकारी और निजी कॉलेजों का नया आंकड़ा
नई मंजूरियों के बाद झारखंड में छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 800 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध होंगी। वहीं निजी क्षेत्र के चार मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़कर 700 हो जाएगी। इस प्रकार राज्य में कुल 1500 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश की व्यवस्था होगी। यह विस्तार चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छात्रों को मिलेगा अधिक अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों में वृद्धि से झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कुछ हद तक कम हो सकती है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नई और बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इससे मेडिकल शिक्षा में प्रतिस्पर्धा के साथ अवसरों का दायरा भी पहले की तुलना में अधिक व्यापक होगा।
नोट: यह जानकारी राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा जारी सीट मैट्रिक्स और संबंधित अधिकारियों की ओर से साझा किए गए आधिकारिक विवरण पर आधारित है।