KKRSeason – खराब शुरुआत के बावजूद कप्तानी छोड़ने नहीं सोचा: रहाणे
KKRSeason – आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स का सफर उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। टीम प्लेऑफ की दौड़ में लंबे समय तक संघर्ष करती रही, लेकिन आखिरकार 13 अंकों के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गई। शुरुआती मुकाबलों में लगातार हार के बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे पर भी सवाल उठने लगे थे। अब सीजन खत्म होने के बाद रहाणे ने टीम के प्रदर्शन और कप्तानी को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है।

शुरुआती हारों ने बढ़ाया दबाव
कोलकाता की टीम ने सीजन की शुरुआत बेहद निराशाजनक अंदाज में की थी। पहले छह मुकाबलों में से पांच में हार मिलने के बाद टीम की स्थिति कमजोर हो गई थी। बाद में कुछ मैच जीतकर टीम ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन प्लेऑफ तक पहुंचने के लिए वह पर्याप्त साबित नहीं हुआ।
मुंबई इंडियंस की हार के बाद केकेआर की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई थीं। इसके बाद टीम के प्रदर्शन और कप्तानी दोनों पर चर्चा तेज हो गई। रहाणे खुद भी बल्ले से लगातार प्रभाव नहीं छोड़ पा रहे थे, जिससे दबाव और बढ़ गया था।
रहाणे ने कप्तानी छोड़ने की अटकलों पर दिया जवाब
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ आखिरी मुकाबले के बाद अजिंक्य रहाणे ने साफ कहा कि उन्होंने कभी कप्तानी छोड़ने के बारे में नहीं सोचा। उनका कहना था कि मुश्किल समय ही खिलाड़ी के व्यक्तित्व और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा लेते हैं।
रहाणे ने कहा कि क्रिकेट में प्रशंसा और आलोचना दोनों साथ चलते हैं। जब टीम अच्छा प्रदर्शन करती है तो सराहना मिलती है और खराब प्रदर्शन होने पर आलोचना होना भी स्वाभाविक है। उनके मुताबिक हर खिलाड़ी को इस दबाव के साथ खेलना सीखना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर उतरते हैं और चुनौतियों से पीछे हटना उनके स्वभाव में नहीं है। कप्तान के तौर पर उनका फोकस टीम को संभालने और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखने पर था।
टीम से कहा था बदल सकती है स्थिति
रहाणे ने बताया कि लगातार हार के बावजूद उन्होंने ड्रेसिंग रूम का माहौल टूटने नहीं दिया। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा था कि क्रिकेट में परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और एक जीत पूरे माहौल को बदलने की ताकत रखती है।
उन्होंने माना कि टीम अपनी पूरी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सकी, लेकिन यह भी कहा कि गलतियों को स्वीकार करना जरूरी होता है। रहाणे के अनुसार जब टीम अपनी कमियों को पहचानती है तभी सुधार की शुरुआत होती है।
अनुभव और धैर्य को बताया अहम
37 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा कि लंबे क्रिकेट करियर ने उन्हें दबाव में शांत रहना सिखाया है। उनके मुताबिक सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि लगातार हार के बाद खिलाड़ी अतीत या भविष्य के बारे में सोचने लगते हैं, जबकि जरूरी यह है कि पूरा ध्यान वर्तमान पर रखा जाए।
रहाणे ने कहा कि कप्तान के तौर पर उनकी कोशिश थी कि खिलाड़ी घबराएं नहीं और हर मुकाबले को नई शुरुआत की तरह लें। उन्होंने यह भी माना कि टीम को बीच सीजन कुछ बदलाव करने पड़े, लेकिन वह परिस्थितियों का हिस्सा था।
आईपीएल 2026 में केकेआर का अभियान भले ही सफल नहीं रहा, लेकिन रहाणे के बयान से साफ है कि टीम के भीतर संघर्ष के दौरान भी संयम बनाए रखने की कोशिश लगातार जारी रही।