ElectionCommission – 22 राज्यों में अप्रैल से विशेष पुनरीक्षण
ElectionCommission – भारत के निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अहम घोषणा की है। आयोग के अनुसार, दिल्ली, झारखंड और उत्तराखंड समेत कुल 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल माह से विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

किन राज्यों में चलेगा अभियान
निर्वाचन आयोग ने जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनाई है, उनमें उत्तराखंड, झारखंड, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण कराया जाएगा।
तीसरे चरण की तैयारी
आयोग की ओर से बताया गया है कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है। पहले चरण में बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा किया जा चुका है। दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में काम जारी है। अब तीसरे चरण के तहत 22 राज्यों में यह अभियान प्रस्तावित है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि तैयारियों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
असम में अलग प्रक्रिया पूरी
वहीं असम में विशेष गहन पुनरीक्षण के बजाय मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान 10 फरवरी को पूरा कर लिया गया है। आयोग का कहना है कि प्रत्येक राज्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त प्रक्रिया अपनाई जाती है। उद्देश्य यह है कि मतदाता सूची में नामों की शुद्धता सुनिश्चित हो और किसी पात्र नागरिक का नाम छूटने न पाए।
मतदाता सूची क्यों है अहम
मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बुनियाद मानी जाती है। इसमें त्रुटियां होने पर चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी कारण समय-समय पर पुनरीक्षण कराया जाता है, ताकि नए मतदाताओं का नाम जोड़ा जा सके और स्थान परिवर्तन या अन्य कारणों से आवश्यक संशोधन किए जा सकें। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वे स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाएं और नागरिकों को जानकारी दें।
आयोग की अपील
निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। जिनकी आयु निर्धारित तिथि तक 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, वे नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करें। साथ ही यदि किसी मतदाता के विवरण में त्रुटि हो तो उसे समय रहते ठीक कराया जाए। आयोग का कहना है कि पारदर्शी और अद्यतन मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है।



