Governance – विधानसभा में सोरेन का बयान, शिक्षा और विकास पर जोर
Governance – झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास, शिक्षा और सामाजिक प्राथमिकताओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाज में धार्मिक गतिविधियों पर जोर तो दिया जाता है, लेकिन शिक्षा जैसे मूलभूत विषयों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका मानना है कि अगर शिक्षा पर पर्याप्त फोकस नहीं होगा, तो देश को आगे बढ़ाने का लक्ष्य अधूरा रह जाएगा।

धार्मिक आस्था और शिक्षा पर संतुलन की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में पूजा-पाठ की परंपरा मजबूत है, लेकिन इसके साथ-साथ शिक्षा को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब लोग ज्ञान और समृद्धि की देवी की पूजा करते हैं, तब भी प्रतिभा और आर्थिक विकास विदेशों में अधिक क्यों दिखाई देता है। उनके अनुसार, यह स्थिति इस बात की ओर संकेत करती है कि प्राथमिकताओं में कहीं न कहीं असंतुलन है।
सरकार के कामकाज और दृष्टिकोण पर जोर
सोरेन ने स्पष्ट किया कि राज्य में वर्तमान सरकार एकल नेतृत्व में काम कर रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद स्पष्ट दृष्टि और मजबूत संकल्प के साथ कई कठिन लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में शांति और सामाजिक सौहार्द का माहौल बना हुआ है, जो विकास के लिए जरूरी है।
जनकल्याण योजनाएं सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि हर नागरिक को सामाजिक सुरक्षा देना, सभी परिवारों तक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना, बच्चों को बेहतर शिक्षा देना और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में लगातार काम हो रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
बजट में बढ़ोतरी और वित्तीय प्रबंधन
सोरेन ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार ने कामकाज संभाला था, तब बजट करीब 86 हजार करोड़ रुपये का था, जो अब बढ़कर लगभग 1.58 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसे उन्होंने बेहतर वित्तीय प्रबंधन और योजनाबद्ध कार्यशैली का परिणाम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि नीति आयोग ने भी राज्य के वित्तीय प्रदर्शन को सराहा है।
सामाजिक योजनाओं और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
मुख्यमंत्री ने पेंशन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि पहले सीमित संख्या में लोगों को लाभ मिलता था, लेकिन अब इसे व्यापक स्तर पर लागू किया गया है और लाखों लोगों को इसका फायदा मिल रहा है। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया और कहा कि अब महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं रहीं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
सोरेन ने भरोसा जताया कि सरकार की योजनाएं आगे भी इसी तरह लागू होती रहेंगी और राज्य में विकास की रफ्तार बनी रहेगी।



