झारखण्ड

Ranchi Pahari Mandir Encroachment News: पहाड़ी मंदिर की जमीन का रहस्य और प्रशासन की ‘डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक’ से कांपे भू-माफिया

Ranchi Pahari Mandir Encroachment News: झारखंड की राजधानी रांची की पहचान और आस्था का केंद्र कहे जाने वाले पहाड़ी मंदिर की खोई हुई गरिमा को वापस लाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। दशकों से मंदिर की पवित्र भूमि पर पसरे अवैध कब्जे को जड़ से मिटाने के लिए अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। प्रशासनिक सुस्ती के कारण जो (Land measurement process) वर्षों से रुकी हुई थी, उसे अब रांची नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव ने गति प्रदान की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मंदिर की एक-एक इंच जमीन का हिसाब लिया जाएगा और आस्था के इस केंद्र को अतिक्रमण मुक्त बनाया जाएगा।

Ranchi Pahari Mandir Encroachment News
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ड्रोन सर्वे और एमएस मैप से होगी जमीन की ‘एक्स-रे’ जांच

जमीन की मापी में पारदर्शिता लाने के लिए इस बार पारंपरिक फीते के बजाय ‘हाई-टेक’ उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। निगम द्वारा पूरे पहाड़ी क्षेत्र का डिजिटल माध्यम से ड्रोन सर्वे कराया जाएगा, जिससे (Digital land survey) की रिपोर्ट तैयार होगी। इसके साथ ही एमएस मैप के जरिए मंदिर की पुरानी और वर्तमान स्थिति का मिलान किया जाएगा। इस तकनीक के इस्तेमाल से उन गुप्त कब्जों का भी खुलासा हो सकेगा जो कागजों में तो नहीं हैं, लेकिन धरातल पर मंदिर की जमीन को निगल चुके हैं।

26 एकड़ की रियासत कैसे रह गई महज 22 एकड़?

पहाड़ी मंदिर के इतिहास के पन्ने बताते हैं कि पालकोट राजा गंधर्वनाथ शाहदेव ने वर्ष 1908 में इस पहाड़ी को म्यूनिस्पिलिटी को दान में दिया था। उस समय रिकॉर्ड के अनुसार इसका कुल क्षेत्रफल 26 एकड़ 13 कड़ी था, लेकिन (Historical land records) का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि अब यह सिमटकर केवल 22 एकड़ के आसपास रह गया है। करीब 4 एकड़ जमीन का ‘गायब’ होना बड़े पैमाने पर हुए भू-माफियाओं के हस्तक्षेप की ओर इशारा करता है, जिसकी अब बारीकी से जांच की जा रही है।

मुख्य द्वार पर गोदाम संचालकों की अब खैर नहीं

मंदिर के मुख्य द्वार के सामने संचालित अवैध गोदामों और ट्रांसपोर्ट व्यापार ने श्रद्धालुओं का जीना मुहाल कर रखा है। प्रशासक ने निरीक्षण के दौरान पाया कि भारी मालवाहक वाहनों के आने-जाने से सड़क संकरी हो गई है। उन्होंने सख्त लहजे में (Commercial warehouse inspection) के आदेश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन कर भारी ट्रकों के माध्यम से जाम लगाने वाले संचालकों पर अब भारी जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मंदिर का प्रवेश द्वार सुगम और सुरक्षित बना रहे।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर निगम का ‘ब्लूप्रिंट’

प्रशासक सुशांत गौरव ने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, यह निगम की प्राथमिकता है। पूरे परिसर को व्यवस्थित करने के लिए (Planned urban development) के तहत ठोस पहल की जाएगी। शहरवासियों से भी अपील की गई है कि वे मंदिर क्षेत्र को कूड़ा मुक्त रखने में अपना योगदान दें। जब मंदिर परिसर अतिक्रमण से मुक्त होगा, तभी इसकी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक आभा को संरक्षित किया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान निगम के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

जाम से मुक्ति के लिए बनेंगे दो नए वाहन पड़ाव

मंदिर आने वाले भक्तों के वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग जाम का मुख्य कारण बनती है। इस समस्या के समाधान के लिए अब दो अलग-अलग स्थानों पर अत्याधुनिक (Vehicle parking stations) तैयार किए जाएंगे। इसके लिए स्थान का चयन कर लिया गया है और संबंधित शाखा को जल्द काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है। वाहनों के लिए निश्चित स्थान होने से मुख्य द्वार पर लगने वाले रुक-रुक कर जाम से जनता को हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी।

हरमू रोड से हटेगा कब्जा और बनेगा सुंदर पैदल पथ

अभियान केवल मंदिर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हरमू रोड में गाड़ीखाना चौक से लेकर शनि मंदिर तक के दोनों छोर की जमीन की मापी होगी। सरकार के निर्देशानुसार इस पूरे क्षेत्र को (Encroachment removal drive) के जरिए साफ किया जाएगा। सरकारी भूमि को चिन्हित करने के बाद राहगीरों के लिए एक सुरक्षित पैदल पथ का निर्माण होगा। इससे न केवल सड़क चौड़ी होगी, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

सड़क पर सामान सजाने वाले दुकानदारों को अंतिम चेतावनी

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई दुकानदार अपनी दुकानों का सामान निर्धारित सीमा से काफी बाहर सड़क तक फैलाकर रखते हैं। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और पैदल चलने वालों को कठिनाई होती है। प्रशासक ने (Public space regulation) का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। अब यदि किसी भी अस्थायी या स्थायी दुकानदार ने सड़क पर सामान रखा, तो न केवल उसका सामान जब्त किया जाएगा बल्कि दुकान का आवंटन भी रद्द किया जा सकता है।

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