झारखण्ड

Ranchi Tourism Places Guide: झारखंड की वादियों में छिपा है कुदरत का करिश्मा, साल 2026 के स्वागत के लिए जरूर एक्सप्लोर करें ये स्थान…

Ranchi Tourism Places Guide: झारखंड की राजधानी रांची और इसके आसपास का इलाका अपनी प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संपन्नता के लिए पूरी दुनिया में विख्यात है। घने जंगलों, ऊंचे-नीचे पठारों और कल-कल बहते झरनों से सजी यह धरती प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। (Jharkhand Natural Beauty) का असली आनंद मानसून और सर्दियों के इस सुहावने मौसम में ही मिलता है। हुंडरू, दशम और जोन्हा जैसे जलप्रपात जहां आंखों को सुकून देते हैं, वहीं रजरप्पा और पहाड़ी मंदिर जैसे धार्मिक स्थल आत्मा को शांति प्रदान करते हैं। नए साल के जश्न के लिए ये सभी स्थल अब पूरी तरह सज-धज कर तैयार हैं।

Ranchi Tourism Places Guide
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जोन्हा जलप्रपात: गौतमधारा की पवित्रता

रांची से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित जोन्हा जलप्रपात को ‘गौतमधारा’ के नाम से भी जाना जाता है। रारू नदी पर बना यह प्रपात अपनी मनोरम छटा के लिए मशहूर है। यहां की (Jonha Falls Travel Experience) इसलिए भी खास है क्योंकि ऊंचाई से गिरता पानी एक गहरे कुंड में समा जाता है, जो देखने में अत्यंत रोमांचक लगता है। पर्यटकों के लिए यहां सीढ़ियां बनाई गई हैं, जिनसे उतरकर आप झरने के बिल्कुल करीब जा सकते हैं। पहाड़ियों और हरियाली के बीच स्थित यह स्थान अध्यात्म और शांति का अहसास कराता है।

हुंडरू फॉल में उमड़ा पर्यटकों का सैलाब

साल 2025 के अंतिम रविवार को हुंडरू फॉल और गेतलसूद डैम में भारी भीड़ देखने को मिली। अकेले हुंडरू फॉल में लगभग 15 हजार से अधिक सैलानी पहुंचे, जिससे (Hundru Falls Weekend Crowds) का एक नया रिकॉर्ड बन गया। रांची के अलावा पड़ोसी जिलों और राज्यों से आए पर्यटकों ने यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया। गेतलसूद डैम में लोगों ने बोटिंग का लुत्फ उठाया। पर्यटन मित्रों और सुरक्षा समिति की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रही ताकि इतनी बड़ी संख्या में आए सैलानियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

बिरसा जैविक उद्यान: बच्चों के लिए पसंदीदा जगह

ओरमांझी स्थित बिरसा जैविक उद्यान रांची से महज 16 किलोमीटर की दूरी पर है। यह झारखंड का सबसे आधुनिक और बड़ा चिड़ियाघर है, जहां वन्य जीवों को (Birsa Zoological Park Wildlife) उनके प्राकृतिक आवास में रखने का प्रयास किया गया है। यहां आप शेर, बाघ, तेंदुआ और हाथी जैसे जानवरों को करीब से देख सकते हैं। यह उद्यान न केवल मनोरंजन का केंद्र है, बल्कि पर्यावरण शिक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। परिवारों के लिए पिकनिक मनाने और वन्य जीवन को समझने के लिए यह सबसे बेहतरीन जगह मानी जाती है।

पंचघाघ और रीमिक्स फॉल की शांत लहरें

खूंटी जिले में स्थित पंचघाघ जलप्रपात अपनी पांच सुंदर धाराओं के लिए प्रसिद्ध है। बनई नदी का पानी जब चट्टानों से होकर गुजरता है, तो वह (Panchghagh Falls Sightseeing) के दौरान पांच अलग-अलग हिस्सों में बंट जाता है, जो एक अनूठा दृश्य पैदा करता है। वहीं, खूंटी का ही ‘रीमिक्स फॉल’ उन लोगों के लिए है जो भीड़भाड़ से दूर एकांत की तलाश में हैं। घने जंगलों के बीच छिपा यह जलप्रपात मानसून में अपनी पूरी भव्यता के साथ खिल उठता है, जहां छोटे-छोटे कुंड प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर खींचते हैं।

लतरातू डैम: सुकून और एडवेंचर का ठिकाना

बेड़ो प्रखंड में स्थित लतरातू डैम न केवल रांची की प्यास बुझाता है, बल्कि यह एक प्रमुख पर्यटन केंद्र भी बन चुका है। (Latratu Dam Photography Spots) के लिए यह जगह सबसे उपयुक्त है, खासकर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का नजारा जादुई होता है। पहाड़ियों से घिरा यह विशाल जलाशय नाव विहार और शांतिपूर्ण समय बिताने के लिए आदर्श है। शहर के शोर-शराबे से दूर यहां का प्रदूषण मुक्त वातावरण आपको एक नई ताजगी से भर देता है।

तिरू फॉल और डियर पार्क का आकर्षण

बुढ़मू राय रोड पर स्थित तिरू फॉल एक अनछुआ रत्न है, जहां 150 फीट की ऊंचाई से गिरते पानी की गर्जना मंत्रमुग्ध कर देती है। यहां (Tiru Falls Hidden Treasure) को देखने के लिए पर्यटकों को करीब 500 सीढ़ियां उतरनी पड़ती हैं, जो अपने आप में एक साहसिक अनुभव है। वहीं, रांची शहर के भीतर स्थित डियर पार्क बच्चों के आकर्षण का केंद्र है। यहां सुरक्षित घेरे में हिरणों को कुलाचें भरते देखना सुखद अहसास देता है, जो वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी फैलाता है।

धार्मिक आस्था के स्तंभ: जगन्नाथपुर और पहाड़ी मंदिर

रांची की संस्कृति में मंदिरों का विशेष स्थान है। धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर अपनी (Jagannathpur Temple Architecture) के लिए जाना जाता है, जो पुरी के मंदिर की याद दिलाता है। वहीं, पहाड़ी मंदिर जो शिव को समर्पित है, वहां तक पहुँचने के लिए 350 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। पहाड़ी की चोटी से पूरे रांची शहर का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान इन मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है, जो झारखंड की गहरी धार्मिक जड़ों को दर्शाता है।

अंगड़ाबाड़ी और दिउड़ी मंदिर की प्राचीन विरासत

खूंटी का अंगड़ाबाड़ी, जिसे बाबा आम्रेश्वर धाम भी कहा जाता है, शिव भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र है। इसके साथ ही तमाड़ स्थित (Dewri Temple Maa Durga) अपनी 16 भुजाओं वाली माता की प्रतिमा के लिए पूरे देश में विख्यात है। दिउड़ी मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और आदिवासी संस्कृति का संगम इसे अद्वितीय बनाता है। महेंद्र सिंह धोनी जैसे दिग्गजों की आस्था से जुड़े इस मंदिर में साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है। ये धार्मिक स्थल प्रकृति और ईश्वर के बीच एक अटूट सेतु का काम करते हैं।

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