Tragic Accident: मौत का बिस्तर बना पुआल का ढेर, जिंदा सुलग गया मासूम, बेबस ताकते रहे परिजन
Tragic Accident : गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र के सरिता गांव में मंगलवार शाम एक बेहद दुखद घटना हुई। मात्र डेढ़ साल के नमन लुगून की tragic accident में आग में झुलसने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार नमन पुआल के ढेर में खेल रहा था, वहीं पास ही अन्य बच्चे भी खेल रहे थे। खेल-खेल में बच्चों ने माचिस जलाई और अचानक पुआल में आग फैल गई।

अचानक लगी आग और बचाव प्रयास
जब आग फैलने लगी, बच्चे डर के मारे इधर-उधर भागे, लेकिन नमन फंसा रह गया। ग्रामीणों की चीख-पुकार सुनकर पास के लोग दौड़े और आग बुझाने का प्रयास किया। गंभीर रूप से झुलसे नमन को प्राथमिक उपचार के लिए गुमला सदर अस्पताल ले जाया गया, फिर उसे रांची के रिम्स रेफर किया गया। दुखद है कि 90 प्रतिशत से अधिक शरीर झुलस चुके नमन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। यह घटना इलाके में child safety की गंभीर समस्या को उजागर करती है।
राजस्थान में ट्रक चालक की दर्दनाक मौत
गुमला के बाद, खूंटी-सिमडेगा मुख्य पथ पर बुधवार सुबह एक और road accident ने लोगों को झकझोर दिया। तोरपा थाना क्षेत्र अंतर्गत चुरगी गांव के पास एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रक के पलटते ही उसमें आग लग गई, जिससे चालक जिंदा जल गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई।
आग लगने का कारण और घटनास्थल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रक में आग लगने का कारण फ्यूल टैंक फटना या शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी तेज़ी से फैली कि चालक को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। यह घटना साबित करती है कि सड़क दुर्घटनाओं में सुरक्षा उपायों और vehicle safety का कितना महत्वपूर्ण रोल होता है।
गंभीर परिणाम और प्रभावित परिवार
दोनों घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों का मनोबल टूट गया। नमन के परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है, वहीं ट्रक चालक के परिवार को भी बड़ा सदमा लगा है। ग्रामीणों ने कहा कि इन घटनाओं से सावधानी और जागरूकता की आवश्यकता बढ़ गई है। इन हादसों में emergency response की भी अहमियत स्पष्ट रूप से नजर आती है।
सड़क सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान
सड़क और आग से जुड़े हादसे लगातार लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। यह घटना स्पष्ट करती है कि बच्चों की सुरक्षा और सड़क पर सावधानी कितनी आवश्यक है। ग्रामीणों और अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को खुले स्थानों में आग के पास खेलने से रोकें और safety measures अपनाएं।
आपदा और सामाजिक जागरूकता
गुमला और खूंटी-सिमडेगा के हादसों से यह भी साफ है कि public awareness बेहद जरूरी है। बच्चों और सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना, आग और ट्रक दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय सिखाना और तुरंत आपातकालीन मदद उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।



