WildlifeConflict – बच्चे की मौत के बाद हाथियों ने रोकी रेल सेवा
WildlifeConflict – झारखंड के बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड पर सोमवार शाम एक दर्दनाक घटना के बाद करीब 11 घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा। महुआमिलान और निंद्रा स्टेशन के बीच पुतरीटोला के पास एक मालगाड़ी की चपेट में आने से हाथी के एक शावक की मौत हो गई। इसके बाद करीब 15 हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पर डट गया। पूरी रात ट्रैक पर खड़े रहने के कारण कई ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही और यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।

घटना कैसे हुई
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम लगभग सात बजे हाथियों का झुंड रेल पटरी पार कर रहा था। उसी दौरान एक मालगाड़ी वहां से गुजरी और एक शावक उसकी चपेट में आ गया। घायल अवस्था में वह कुछ देर तड़पता रहा और बाद में उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शावक के गिरते ही बाकी हाथी उसके चारों ओर घेरा बनाकर खड़े हो गए। इसके बाद उन्होंने ट्रैक छोड़ने से इनकार कर दिया, जिससे रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया।
रातभर ट्रैक पर डटा रहा झुंड
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। हालांकि, हाथियों के आक्रामक रुख को देखते हुए किसी प्रकार की सीधी कार्रवाई संभव नहीं हो सकी। सुरक्षा कारणों से अधिकारियों ने दूरी बनाए रखी और स्थिति पर नजर रखी। पूरी रात हाथियों का झुंड ट्रैक पर जमा रहा। मंगलवार सुबह करीब छह बजे झुंड धीरे-धीरे जंगल की ओर लौट गया, तब जाकर रेल सेवा बहाल की जा सकी।
कई ट्रेनों पर पड़ा असर
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान रांची-नई दिल्ली गरीब रथ, टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस, पलामू एक्सप्रेस, जम्मूतवी एक्सप्रेस और हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर रोकी गईं। कुछ ट्रेनों को बरकाकाना, हजारीबाग टाउन, कोडरमा और गया के रास्ते डायवर्ट किया गया। वहीं कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट कर यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था से भेजा गया। रेलवे ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए स्थिति सामान्य होने तक परिचालन रोका गया।
बदले गए मार्गों का विवरण
रेल प्रशासन ने कई लंबी दूरी की ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी बदलाव किया। हावड़ा-जबलपुर शक्तिपुंज एक्सप्रेस और रांची-नई दिल्ली गरीब रथ को बरकाकाना होकर हजारीबाग टाउन, कोडरमा और गया के रास्ते चलाया गया। इसी तरह पलामू एक्सप्रेस, सासाराम एक्सप्रेस और वाराणसी एक्सप्रेस के मार्ग में भी बदलाव किया गया। संबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस और बनारस-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस को वैकल्पिक रूट से रवाना किया गया। पटना-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस के रेक को भी परिवर्तित मार्ग से भेजा गया।
मानव-वन्यजीव टकराव की बढ़ती घटनाएं
इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव की समस्या को सामने ला दिया है। झारखंड के कई इलाकों में रेललाइन घने जंगलों से होकर गुजरती है, जहां हाथियों की आवाजाही सामान्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता, स्पीड कंट्रोल और अलर्ट सिस्टम की आवश्यकता है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल रेल सेवा सामान्य हो चुकी है, लेकिन इस हादसे ने वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षित रेल संचालन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे।



