AirAmbulanceCrash – रांची से दिल्ली जा रहा विमान चतरा में हादसे का शिकार
AirAmbulanceCrash – झारखंड में सोमवार रात एक मेडिकल चार्टर्ड विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से सात लोगों की जान चली गई। रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाला यह एयर एम्बुलेंस चतरा जिले के पास जंगल क्षेत्र में गिर गया। विमान में एक गंभीर रूप से घायल मरीज समेत कुल सात लोग सवार थे। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हवाई यातायात नियंत्रण से संपर्क टूट गया था। बचाव दल रात में ही घटनास्थल पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू किया गया।

उड़ान भरने के बाद टूटा संपर्क
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अनुसार, रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट सी90 विमान वीटी-एजेवी शाम 7 बजकर 11 मिनट पर रांची एयरपोर्ट से रवाना हुआ था। विमान दिल्ली पहुंचने वाला था और रात करीब 10 बजे लैंडिंग निर्धारित थी।
उड़ान के लगभग 20 मिनट बाद ही विमान का संपर्क एटीसी से टूट गया। तकनीकी निगरानी में इसकी अंतिम लोकेशन पलामू क्षेत्र के आसपास दर्ज की गई। इसके बाद विमान का कोई संकेत नहीं मिला, जिससे प्रशासन में हलचल मच गई।
सिमरिया के जंगल में मिला मलबा
अधिकारियों ने बताया कि विमान चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कसियातु जंगल में गिरा। रांची से यह स्थान लगभग 130 किलोमीटर दूर है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना मिलते ही खोज अभियान तेज किया गया। दुर्गम जंगल क्षेत्र होने के कारण बचाव दलों को मौके तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
रात करीब 10 बजे के आसपास दुर्घटना की आशंका जताई गई थी। विमान के लापता होने के बाद राज्य स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई और संभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
सभी सात लोगों की मौत की पुष्टि
चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी. ने पुष्टि की कि हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मृत्यु हो गई। एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल ने बताया कि घटनास्थल से सभी शव बरामद कर लिए गए हैं।
मृतकों में पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत और कैप्टन सवराजदीप सिंह, मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, 17 वर्षीय ध्रुव कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा शामिल हैं। प्रशासन ने परिजनों को सूचना दे दी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
घायल मरीज को दिल्ली ले जाया जा रहा था
जानकारी के मुताबिक, संजय कुमार लातेहार जिले के चंदवा निवासी थे और बकोरिया क्षेत्र में ढाबा चलाते थे। कुछ दिन पहले उनके ढाबे में आग लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए थे। उनका इलाज रांची के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली रेफर किया था।
उन्हें एयर एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही यह हादसा हो गया। संजय कुमार के दो पुत्र हैं, जो इस घटना के बाद गहरे सदमे में हैं।
हाई अलर्ट और जांच की तैयारी
विमान के लापता होने के तुरंत बाद राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया था। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि खराब मौसम एक संभावित कारण हो सकता है, लेकिन वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी। दुर्घटना के कारणों की पड़ताल के लिए संबंधित एजेंसियां तकनीकी जांच शुरू करेंगी।
फिलहाल प्रशासन राहत और औपचारिक प्रक्रियाओं में जुटा है। यह हादसा राज्य के लिए गहरा आघात है, विशेषकर इसलिए क्योंकि यह उड़ान एक गंभीर मरीज की जान बचाने के उद्देश्य से भरी गई थी।



