LPGSupply – होर्मुज संकट के बीच भारत को मिली राहत, नए जहाज रवाना…
LPGSupply – पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एलपीजी सप्लाई को लेकर कुछ राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो और भारतीय जहाज देश की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि इस पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इन जहाजों के रवाना होने से घरेलू गैस आपूर्ति की स्थिति स्थिर रहने की उम्मीद है। इससे पहले भी दो जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुके हैं, जिससे बाजार में भरोसा बना हुआ है।

होर्मुज से निकले नए जहाज, सप्लाई को मिलेगी मजबूती
सूत्रों के अनुसार, ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ नाम के जहाज सोमवार सुबह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि जरूरी अनुमति मिलने के बाद इन्हें भारत के लिए रवाना किया गया। अगर इनका सफर बिना किसी बाधा के जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में देश में एलपीजी की उपलब्धता और बेहतर हो सकती है। यह कदम ऐसे समय पर अहम माना जा रहा है जब वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।
भारतीय नौसेना की सक्रिय भूमिका
इन जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करने में भारतीय नौसेना की भूमिका भी अहम बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नौसेना ने क्षेत्रीय अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिलाने में मदद की। पश्चिम एशिया में हालात संवेदनशील बने हुए हैं, ऐसे में समुद्री रास्तों की सुरक्षा और समन्वय बेहद जरूरी हो गया है। यही वजह है कि इस तरह के प्रयासों को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैश्विक तनाव का असर भारतीय उद्योग पर
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर व्यापार और उद्योग पर भी दिखने लगा है। उद्योग संगठनों के अनुसार, समुद्री मार्गों में रुकावट आने से माल ढुलाई में देरी हो रही है और कई क्षेत्रों में कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे उत्पादन लागत और समयसीमा दोनों पर दबाव बढ़ा है, जिससे कंपनियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही से बढ़ी उम्मीद
हाल ही में अमेरिका से एलपीजी लेकर एक जहाज न्यू मंगलौर बंदरगाह पहुंचा, जिसमें बड़ी मात्रा में गैस लाई गई थी। इससे पहले एक रूसी जहाज भी वहां पहुंच चुका था। लगातार हो रही इन अंतरराष्ट्रीय आपूर्तियों से संकेत मिलता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विविध स्रोतों पर निर्भरता बढ़ा रहा है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो सके।
सरकार का फोकस गैस वितरण नेटवर्क पर
सरकार ने मौजूदा हालात को देखते हुए गैस सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। शहरों में पाइपलाइन गैस यानी सीएनजी और पीएनजी के विस्तार पर खास ध्यान दिया जा रहा है। संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि गैस वितरण से जुड़े आवेदनों का तेजी से निपटारा किया जाए, ताकि वैकल्पिक सप्लाई नेटवर्क मजबूत हो सके।
घरेलू सप्लाई फिलहाल स्थिर
सरकारी स्तर पर यह भी स्पष्ट किया गया है कि देश में घरेलू एलपीजी की सप्लाई फिलहाल सामान्य बनी हुई है। कहीं से भी गैस की कमी की सूचना नहीं मिली है और वितरण प्रणाली सुचारू रूप से काम कर रही है। साथ ही, उपभोक्ताओं में घबराहट में खरीदारी की प्रवृत्ति भी कम हुई है, जिससे सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ रहा है।



