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Panipat Gorakhpur Expressway Update: पूर्वांचल की तस्वीर बदल देगा यह नया महामार्ग, 133 गांवों की होगी चांदी

Panipat Gorakhpur Expressway Update: उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ने जा रहा है, क्योंकि बहुप्रतीक्षित पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया अब धरातल पर उतरने लगी है। इस विशाल परियोजना के लिए गोरखपुर और बस्ती मंडल के कुल 133 गांवों की (Expressway Land Acquisition) पहचान की गई है, जहां जल्द ही भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू होगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि पूर्वांचल के आर्थिक पिछड़ेपन को दूर कर व्यापार और रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।

Panipat Gorakhpur Expressway Update
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सिद्धार्थनगर से कुशीनगर तक फैलेगा एक्सप्रेसवे का जाल

एनएचएआई द्वारा तैयार किए गए ब्लूप्रिंट के अनुसार, यह आधुनिक मार्ग सिद्धार्थनगर जिले के बांसी क्षेत्र से प्रवेश करेगा और विभिन्न जनपदों को जोड़ते हुए कुशीनगर के हाटा तक जाएगा। गोरखपुर मंडल में इस (Infrastructure Project Punjab UP) एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 86.24 किलोमीटर निर्धारित की गई है। इस मार्ग का अलाइनमेंट इस तरह तय किया गया है कि यह संतकबीरनगर के मेंहदावल और गोरखपुर के कैंपियरगंज जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को कवर करते हुए औद्योगिक गलियारे के रूप में विकसित हो सके।

सर्वे का काम पूरा और जिलाधिकारियों को मिली हरी झंडी

प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिखाते हुए एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के लिए संबंधित चारों जिलों के जिलाधिकारियों को आधिकारिक पत्र भेज दिया है। वर्तमान में (NHAI Survey Report) गोरखपुर-बस्ती मंडल के चयनित क्षेत्रों में सर्वे का काम जोरों पर है। बांसी के 37 गांवों से लेकर हाटा के 21 गांवों तक, जमीन की पैमाइश और सीमाओं का निर्धारण किया जा रहा है ताकि मुआवजे और अधिग्रहण की कार्यवाही को पारदर्शी तरीके से बिना किसी देरी के पूरा किया जा सके।

747 किलोमीटर लंबा होगा यह विशाल ‘ग्रोथ कॉरिडोर’

यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि 747 किलोमीटर लंबी एक ऐसी जीवन रेखा है जो हरियाणा के पानीपत को सीधे पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगी। यह मार्ग सिद्धार्थनगर से आगे बढ़ते हुए (Panipat Gorakhpur Connectivity) बलरामपुर, बहराइच और लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ जैसे धार्मिक व व्यापारिक स्थलों को भी स्पर्श करेगा। इस प्रोजेक्ट की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के उद्योगों को सीधे पूर्वांचल की कृषि मंडियों और बाजारों तक पहुंच प्रदान करेगा।

गोरखपुर में नयनसर के पास बनेगा सबसे महत्वपूर्ण क्रॉसिंग

गोरखपुर जनपद में इस एक्सप्रेसवे का रूट बेहद रणनीतिक रखा गया है। नयनसर के पास यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर-सोनौली हाईवे को पार करेगा, जो इसे नेपाल सीमा से आने वाले ट्रैफिक के लिए भी सुलभ बनाएगा। जिलाधिकारी (Gorakhpur Route Map) दीपक मीणा ने पुष्टि की है कि एक्सप्रेसवे का अलाइनमेंट पूरी तरह तय हो चुका है और गोरखपुर के 46 गांवों से होकर यह गुजरेगा। जल्द ही विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारियों की नियुक्ति कर किसानों के साथ संवाद और कागजी कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।

मेंहदावल और बांसी में होगा सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्रों का विस्तार

इस परियोजना के तहत संतकबीरनगर के मेंहदावल तहसील के 29 गांवों की 22.5 किलोमीटर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। वहीं सिद्धार्थनगर के बांसी इलाके के (Rural Land Development) 37 गांवों से 16.69 किलोमीटर का हिस्सा लिया जाएगा। इन क्षेत्रों के किसानों के लिए यह परियोजना दोहरी खुशी लेकर आई है; एक ओर उनकी जमीन की कीमतें बढ़ेंगी, वहीं दूसरी ओर एक्सप्रेसवे के किनारे नए गोदामों, पेट्रोल पंपों और छोटे उद्योगों के विकसित होने की प्रबल संभावनाएं बन रही हैं।

कैंपियरगंज और सदर तहसील के गांवों की लिस्ट हुई तैयार

गोरखपुर के कैंपियरगंज और सदर तहसील के किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। कैंपियरगंज के लक्ष्मीपुर, मखनहा, ठकुरापार और नयनसर जैसे 22 गांवों की सूची तैयार कर ली गई है। इसी तरह (Village List Acquisition) सदर तहसील के फुलवरिया, महराजगंज, ठाकुरपुर और परशुरामपुर समेत 24 गांवों को इस एक्सप्रेसवे की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। इन गांवों के लोगों को अब लंबी दूरी तय करने के लिए संकरी सड़कों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

कुशीनगर के हाटा में एक्सप्रेसवे का शानदार समापन

कुशीनगर जिले की हाटा तहसील के 21 गांव इस एक्सप्रेसवे के अंतिम चरण का हिस्सा बनेंगे। रामपुर, अगया, और सिंदुरिया विशुनपुर जैसे क्षेत्रों से 12.8 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यह एक्सप्रेसवे (Kushinagar Highway Impact) अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र कुशीनगर की पहुंच को और आसान बना देगा। इससे बौद्ध सर्किट पर आने वाले विदेशी पर्यटकों को दिल्ली और हरियाणा से सीधे सड़क मार्ग द्वारा गोरखपुर होते हुए आने में सहूलियत होगी, जिससे स्थानीय पर्यटन को भी भारी बढ़ावा मिलेगा।

भविष्य की राह: किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा

उत्तर प्रदेश सरकार और एनएचएआई का मुख्य ध्यान अब यह सुनिश्चित करने पर है कि जमीन देने वाले किसानों को उचित और बाजार दर पर मुआवजा मिले। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से (UP Road Network) उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी का एक ऐसा जाल बिछ जाएगा जो इसे देश के सबसे बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर वाले राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर देगा। यह परियोजना न केवल दूरी घटाएगी बल्कि पूर्वांचल के युवाओं के लिए विकास के नए क्षितिज भी खोलेगी

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