FengShui – घर के मेन डोर से जुड़ी ये आदतें बिगाड़ सकती हैं ऊर्जा का संतुलन
FengShui – घर का माहौल केवल वहां रहने वाले लोगों के व्यवहार से ही तय नहीं होता, बल्कि घर की बनावट और चीजों की व्यवस्था भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कई लोग अपने घर को सजाने के लिए तरह-तरह की चीजें लगाते हैं, लेकिन कई बार अनजाने में ऐसी व्यवस्था हो जाती है जो सकारात्मक माहौल को प्रभावित कर सकती है। फेंगशुई में माना जाता है कि घर के मुख्य द्वार का संबंध सीधे ऊर्जा के प्रवाह से होता है। यही वह जगह है जहां से सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार की ऊर्जा घर में प्रवेश करती हैं। इसलिए मुख्य द्वार के आसपास की व्यवस्था को संतुलित रखना जरूरी माना जाता है। फेंगशुई के कुछ सरल नियम ऐसे हैं जिनका ध्यान रखा जाए तो घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

मुख्य द्वार के सामने शीशा लगाने से बचने की सलाह
आजकल घरों की सजावट में शीशे का उपयोग काफी बढ़ गया है। कई लोग मुख्य दरवाजे के ठीक सामने या बाहर की ओर सजावट के लिए बड़ा शीशा लगा देते हैं। देखने में यह आकर्षक जरूर लगता है, लेकिन फेंगशुई के अनुसार ऐसा करना उचित नहीं माना जाता। मान्यता है कि शीशा ऊर्जा को परावर्तित करने की क्षमता रखता है। यदि यह मुख्य द्वार के ठीक सामने लगाया जाए तो घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा वापस बाहर की ओर लौट सकती है।
यदि घर के प्रवेश द्वार के पास शीशा लगाना जरूरी हो, तो उसे सीधे सामने लगाने के बजाय साइड की दीवार पर लगाया जा सकता है। कुछ विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि आसपास पौधा रखने से वातावरण का संतुलन बेहतर बना रह सकता है।
मुख्य दरवाजे तक आने वाला रास्ता खुला और व्यवस्थित हो
फेंगशुई में मुख्य दरवाजे तक पहुंचने वाले रास्ते को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। यदि इस रास्ते में अनावश्यक सामान रखा हो या कोई अवरोध हो, तो इसे ऊर्जा के प्रवाह के लिए ठीक नहीं माना जाता। जब घर के प्रवेश मार्ग में बाधा होती है, तो माना जाता है कि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी प्रभावित हो सकता है।
इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि मुख्य द्वार से घर के अंदर आने तक का रास्ता साफ और व्यवस्थित रहे। दरवाजे के पास फालतू सामान, बॉक्स या अन्य चीजें रखने से बचना चाहिए। इससे न केवल घर व्यवस्थित दिखता है बल्कि आने-जाने में भी आसानी रहती है।
मुख्य द्वार के सामने सीढ़ियां होने को माना जाता है असंतुलन
फेंगशुई के अनुसार यदि घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने सीढ़ियां हों तो इसे ऊर्जा के संतुलन के लिहाज से अच्छा नहीं माना जाता। मान्यता है कि ऐसी स्थिति में घर में आने वाली ऊर्जा स्थिर नहीं रह पाती और ऊपर-नीचे की दिशा में बिखर जाती है।
अगर घर की बनावट में पहले से ही ऐसी स्थिति हो तो कुछ उपाय सुझाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, मुख्य द्वार के पास गोल आकार का पायदान रखा जा सकता है। इसके अलावा दरवाजे के पास कोई छोटा पौधा रखने से भी वातावरण को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।
मुख्य द्वार के पास अधिक सामान रखने से बचें
कई घरों में मुख्य दरवाजे के आसपास जूते-चप्पल या अन्य वस्तुएं जमा हो जाती हैं। धीरे-धीरे यह जगह अव्यवस्थित दिखने लगती है। फेंगशुई के अनुसार प्रवेश द्वार जितना साफ और खुला रहेगा, ऊर्जा का प्रवाह उतना बेहतर माना जाता है।
इसलिए मुख्य दरवाजे के पास सामान का ढेर लगाने से बचना चाहिए। जूते-चप्पल रखने के लिए अलग रैक का उपयोग किया जा सकता है। इससे प्रवेश द्वार साफ और व्यवस्थित बना रहता है और घर का पहला प्रभाव भी बेहतर पड़ता है।
मुख्य द्वार के आसपास सफाई और रोशनी का ध्यान रखें
घर के मुख्य द्वार के आसपास सफाई और रोशनी का विशेष महत्व माना जाता है। यदि इस जगह पर गंदगी या अंधेरा हो, तो वातावरण भारी और उदास महसूस हो सकता है। इसलिए दरवाजे के पास हमेशा साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है।
साथ ही, प्रवेश द्वार के आसपास पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए। अच्छी लाइटिंग न केवल सुरक्षा के लिहाज से उपयोगी होती है बल्कि घर के माहौल को भी सकारात्मक बनाती है। साफ-सुथरा और रोशनी से भरा मुख्य द्वार घर में आने वाले लोगों के लिए स्वागत का संकेत देता है



