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BaramatiPlaneCrash – विमान हादसे के ब्लैक बॉक्स डेटा में छेड़छाड़ के आरोप

BaramatiPlaneCrash – महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने दुर्घटना से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हादसे में शामिल विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, जिसे आम तौर पर ब्लैक बॉक्स कहा जाता है, के डेटा के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही है।

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रोहित पवार के अनुसार, यह मामला केवल एक विमान दुर्घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर जांच से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड में किसी प्रकार का बदलाव किया जाता है, तो यह पूरी जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गंभीर आरोप

रोहित पवार ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी उठाया। अपने पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि वीएसआर वेंचर्स के मालिक वी के सिंह पर दुर्घटनाग्रस्त विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से छेड़छाड़ करने की कोशिश करने के आरोप सामने आ रहे हैं।

उन्होंने लिखा कि यह भी कहा जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति तकनीकी डेटा में बदलाव करने में माहिर माना जाता है। रोहित पवार ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की तकनीकी हेरफेर अंततः जांच प्रक्रिया के दौरान सामने आ सकती है, क्योंकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत तकनीकी परीक्षण किया जाता है।

फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर जांच में क्यों महत्वपूर्ण

विमान दुर्घटनाओं की जांच में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर बेहद अहम भूमिका निभाता है। यह उपकरण विमान की उड़ान के दौरान कई तकनीकी मापदंडों को रिकॉर्ड करता है, जैसे गति, ऊंचाई, इंजन की स्थिति और अन्य परिचालन विवरण।

जांच एजेंसियां इन आंकड़ों का विश्लेषण कर यह समझने की कोशिश करती हैं कि दुर्घटना से पहले विमान की स्थिति क्या थी और किन परिस्थितियों में हादसा हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, यही कारण है कि ब्लैक बॉक्स से प्राप्त डेटा को अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है।

जांच एजेंसियों को लेकर भी दी चेतावनी

रोहित पवार ने यह भी कहा कि यदि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय या विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो से जुड़े किसी अधिकारी की भूमिका इस प्रक्रिया में सामने आती है, तो उसे भी गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक बार आधिकारिक जांच समिति बनने के बाद फोरेंसिक ऑडिट किया जाएगा। ऐसी जांच में तकनीकी डेटा की हर परत की पड़ताल की जाती है। इसलिए अगर किसी स्तर पर रिकॉर्ड में बदलाव किया गया होगा तो वह जांच में सामने आ सकता है।

उनका कहना था कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

हादसे में पांच लोगों की हुई थी मौत

गौरतलब है कि वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित एक Learjet 45 विमान 28 जनवरी को बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हुई थी, जिनमें महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार भी शामिल थे।

इस घटना के बाद से ही दुर्घटना के कारणों को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। विमानन विशेषज्ञों और जांच एजेंसियों की टीम इस मामले की तकनीकी जांच में जुटी हुई है।

एफआईआर दर्ज करने की मांग और राजनीतिक हलचल

रोहित पवार ने इस मामले में वीएसआर वेंचर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि जब तक दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक कई सवाल अनुत्तरित रहेंगे।

बताया जा रहा है कि उन्होंने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की भी कोशिश की है। इस सिलसिले में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित कई विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर उनसे संसद में इस मामले को उठाने का अनुरोध किया है।

सीआईडी कर रही है मामले की जांच

बारामती विमान दुर्घटना की जांच फिलहाल राज्य की अपराध जांच विभाग कर रही है। जांच एजेंसी ने वीएसआर वेंचर्स के मालिक वी के सिंह का बयान भी दर्ज किया है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि दुर्घटना किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या तोड़फोड़ की भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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