IndiaDiplomacy – ईरान संघर्ष पर पीएम ने की शांति पहल
IndiaDiplomacy – पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत कर हालात पर चिंता जताई है। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र की ताजा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। भारत की ओर से स्पष्ट किया गया कि मौजूदा परिस्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और हिंसा को जल्द रोकने के लिए ठोस कदम जरूरी हैं।

इजरायल के प्रधानमंत्री से बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने इजरायली समकक्ष से हालिया घटनाक्रम पर चर्चा की। भारत ने क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते हालात को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और संवाद के माध्यम से समाधान की आवश्यकता दोहराई। भारत का रुख स्पष्ट रहा कि किसी भी संघर्ष का असर आम नागरिकों पर पड़ता है, इसलिए तत्काल तनाव कम करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।
यूएई के राष्ट्रपति से भी संपर्क
इजरायल से बातचीत के अलावा प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी चर्चा की। हाल में यूएई के कुछ हिस्सों पर हुए हमलों की उन्होंने निंदा की और मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ खड़ा है। साथ ही उन्होंने वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूएई प्रशासन का आभार जताया।
हमलों में हताहतों की पुष्टि
अधिकारियों के अनुसार, बीते दो दिनों में हुए हमलों में तीन लोगों की मृत्यु हुई है और एक भारतीय नागरिक सहित 58 लोग घायल हुए हैं। इस जानकारी के बाद भारत सरकार ने स्थिति पर करीबी नजर बनाए रखी है। खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क है।
सुरक्षा मामलों की बैठक
तेजी से बदलते हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री ने सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक बुलाई। इस बैठक में रक्षा, गृह, विदेश और वित्त मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य पश्चिम एशिया में विकसित हो रही स्थिति का आकलन करना और भारत के हितों पर संभावित प्रभाव की समीक्षा करना था। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने भी स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, चर्चा का प्रमुख विषय क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संभावित आपातकालीन उपाय रहे। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो आवश्यक कदमों की रूपरेखा तैयार रखने पर जोर दिया गया। सरकार ने संकेत दिया है कि भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और जरूरत पड़ने पर सहायता प्रदान की जाएगी।
शांति और स्थिरता की अपील
भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थक है। कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय संपर्क बनाए रखते हुए भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद की राह अपनाने की अपील की है। मौजूदा संकट ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, ऐसे में भारत का ध्यान अपने नागरिकों की सुरक्षा और व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता पर केंद्रित है।



