IranIsraelConflict – ईरान के हमलों से खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा, वैश्विक बाजार प्रभावित
IranIsraelConflict – मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने एक बार फिर क्षेत्रीय और वैश्विक तनाव को बढ़ा दिया है। मंगलवार को ईरान की ओर से इजरायल और खाड़ी क्षेत्र के कई हिस्सों को निशाना बनाए जाने के बाद हालात और गंभीर हो गए। इन हमलों का असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक बाजारों और ऊर्जा आपूर्ति पर भी इसका स्पष्ट प्रभाव देखा गया। कई देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए और तेल बाजार में तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।

खाड़ी देशों में हमलों से बढ़ी चिंता
संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों में मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर रहीं। दुबई में मिसाइल हमले की आशंका के चलते सायरन बजाए गए। बहरीन के अधिकारियों के अनुसार राजधानी में एक आवासीय इमारत को निशाना बनाए जाने से एक 29 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हो गए।
सऊदी अरब ने भी अपने पूर्वी तेल समृद्ध क्षेत्र में दो ड्रोन मार गिराने की जानकारी दी। वहीं कुवैत के नेशनल गार्ड ने बताया कि उसने अपने क्षेत्र में घुसे छह ड्रोन को नष्ट कर दिया। इन घटनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
औद्योगिक क्षेत्र में ड्रोन हमला
संयुक्त अरब अमीरात के औद्योगिक शहर रुवैस में एक ड्रोन हमले के बाद पेट्रोकेमिकल संयंत्र के पास आग लगने की सूचना मिली। आग बुझाने के लिए दमकलकर्मी लंबे समय तक प्रयास करते रहे। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
इसी दौरान इजरायल के कई शहरों में भी अलर्ट जारी किए गए। यरुशलम में सायरन बजने लगे और तेल अवीव में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इजरायली रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने की कोशिश की।
अमेरिका की कड़ी चेतावनी
इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज की जा सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि आगे होने वाले हमलों में अधिक लड़ाकू विमान और बमवर्षक शामिल हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हाल के 24 घंटों में ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर के समय तेहरान में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जब इजरायल ने ईरान के भीतर हवाई हमलों की एक नई श्रृंखला शुरू की।
ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया
ईरान के शीर्ष नेताओं ने भी सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि फिलहाल संघर्षविराम की संभावना कम है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर क़लीबाफ़ ने कहा कि देश को हमलों का जवाब देने का अधिकार है और इस मुद्दे पर जल्दबाजी में समझौता नहीं किया जाएगा।
ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने भी अमेरिकी नेतृत्व को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान बाहरी दबाव या धमकियों से पीछे हटने वाला नहीं है।
तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर
इस संघर्ष का प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतें हाल के दिनों में तेजी से बढ़ीं और एक समय लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। बाद में कीमतों में कुछ गिरावट आई, लेकिन यह अभी भी पहले के स्तर से काफी ऊपर बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस उतार-चढ़ाव के पीछे होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालात भी एक प्रमुख कारण हैं। यह समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है।
समुद्री मार्गों पर बढ़ा खतरा
रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने प्रभावी रूप से इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर दबाव बनाया है, जिससे तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के मुताबिक जलडमरूमध्य के आसपास व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम सात नाविकों की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करने का प्रयास करता है, तो अमेरिका उसकी तुलना में कहीं अधिक सख्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
क्षेत्रीय संघर्ष का विस्तार
इसी दौरान इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर भी कई हमले किए। इसके जवाब में हिजबुल्ला ने इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं। इराक में भी ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं।
अधिकारियों के अनुसार संघर्ष की शुरुआत के बाद से ईरान, लेबनान और इजरायल में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं। वहीं अमेरिकी सैन्यकर्मियों के भी हताहत होने की खबरें सामने आई हैं। बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।



