LPGRules – घरेलू गैस बुकिंग नियम बदले, अब करना होगा ज्यादा इंतजार
LPGRules – घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए गैस बुकिंग से जुड़ा एक अहम बदलाव लागू किया गया है। सरकार और गैस कंपनियों ने मिलकर वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से सिलेंडर बुकिंग के बीच का न्यूनतम अंतराल बढ़ा दिया है। अब 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी और अगली बुकिंग के बीच पहले के मुकाबले अधिक समय का इंतजार करना होगा।

शहरी उपभोक्ताओं पर दिखेगा ज्यादा असर
नए नियमों का सबसे ज्यादा प्रभाव शहरों में रहने वाले उन परिवारों पर पड़ेगा, जिनके पास डबल सिलेंडर कनेक्शन है। पहले जहां उपभोक्ता अपेक्षाकृत जल्दी अगली बुकिंग कर सकते थे, अब उन्हें पिछली डिलीवरी के बाद 35 दिनों का इंतजार करना अनिवार्य होगा। इससे उन घरों की योजना पर असर पड़ सकता है जो नियमित रूप से दोनों सिलेंडरों का उपयोग करते हैं।
अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग समय सीमा
गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं की विभिन्न श्रेणियों को ध्यान में रखते हुए नई समय-सीमा तय की है। उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों को अब अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार करना होगा। वहीं, जिनके पास केवल एक सिलेंडर वाला कनेक्शन है, वे 25 दिन बाद बुकिंग कर सकेंगे। डबल कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए यह अवधि 35 दिन निर्धारित की गई है।
छोटे सिलेंडरों के लिए भी नियम तय
केवल 14.2 किलो वाले सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे आकार के सिलेंडरों के लिए भी नई समय-सीमा लागू की गई है। 5 किलो के सिलेंडर के लिए 9 से 16 दिन का अंतराल रखा गया है, जबकि 10 किलो वाले सिलेंडर के लिए 18 से 32 दिन के बीच बुकिंग की अनुमति होगी। इससे छोटे उपभोक्ताओं की खपत को भी व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है।
बुकिंग की गणना डिलीवरी तारीख से होगी
इस बदलाव में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अगली बुकिंग की पात्रता अब पिछली बुकिंग की तारीख से नहीं, बल्कि सिलेंडर की डिलीवरी की तारीख से तय होगी। यदि कोई उपभोक्ता निर्धारित समय से पहले बुकिंग करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसे स्वीकार नहीं करेगा। इससे प्रक्रिया को तकनीकी रूप से नियंत्रित करने का प्रयास किया गया है।
सरकार का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
अधिकारियों के अनुसार, इन बदलावों का मकसद गैस की खपत को संतुलित करना और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है। हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और आपूर्ति में बाधाओं के चलते यह फैसला लिया गया है। इससे पहले भी इसी महीने शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया गया था।
कमर्शियल गैस पर बढ़ा दबाव
घरेलू गैस के साथ-साथ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति भी दबाव में है। हालांकि सरकार ने राज्यों को आवंटन बढ़ाकर राहत देने की कोशिश की है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर तुरंत दिखाई नहीं दे रहा। वितरकों का कहना है कि स्थिति सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है।
आम लोगों और कारोबारियों पर असर
गैस की सीमित उपलब्धता का असर छोटे कारोबारियों पर साफ दिख रहा है। कई ढाबे और छोटे रेस्तरां अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। वहीं कुछ परिवारों को वैकल्पिक ईंधन की ओर रुख करना पड़ रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बनाना अभी भी चुनौती बना हुआ है।
सहायता के लिए हेल्पलाइन उपलब्ध
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए उपभोक्ता 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं, जहां उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा।



