Mumbai Bus Accident News: मुंबई की सड़कों पर मौत ने किया तांडव, भांडुप में इलेक्ट्रिक बस ने मासूमों को रौंदा
Mumbai Bus Accident News: मुंबई के भांडुप इलाके में सोमवार की रात उस वक्त मातम में बदल गई जब एक अनियंत्रित बस ने रेलवे स्टेशन के बाहर मौजूद यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण दुर्घटना ने एक बार फिर महानगर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेशन के बाहर (Road Safety Measures) की भारी कमी के बीच यह हादसा तब हुआ जब लोग अपने घर जाने के लिए वाहनों का इंतजार कर रहे थे। अचानक हुई इस टक्कर से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

रिवर्स लेते समय ड्राइवर ने खोया संतुलन
हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बस ने करीब 10 से 12 लोगों को सीधी टक्कर मारी। जांच में प्राथमिक जानकारी यह सामने आई है कि बस ड्राइवर (Driver Negligence) के कारण यह बड़ी चूक हुई, जब वह बस को पीछे की ओर यानी रिवर्स ले रहा था। उसी दौरान स्टॉप के पास खड़े यात्री वाहन की चपेट में आ गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस ड्राइवर को अपनी हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
मौत का आंकड़ा और घायलों की स्थिति
इस दर्दनाक हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 9 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ लोग बस के नीचे ही दब गए थे। स्थानीय प्रशासन ने (Emergency Medical Services) को तुरंत सक्रिय किया और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ओलेक्ट्रा कंपनी की इलेक्ट्रिक बस पर सवाल
हादसे में शामिल गाड़ी ओलेक्ट्रा कंपनी की एक इलेक्ट्रिक बस बताई जा रही है, जो आधुनिक तकनीक से लैस होने का दावा करती है। हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि (Electric Vehicle Safety) मानकों की गहन जांच होनी चाहिए क्योंकि रिवर्स लेते समय इतनी बड़ी दुर्घटना होना किसी तकनीकी खराबी की ओर भी इशारा कर सकता है। क्या बस के सेंसर और कैमरे सही तरीके से काम कर रहे थे? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगा।
बचाव कार्य में जुटी फायर ब्रिगेड और पुलिस
भांडुप पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बालासाहेब पवार ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का जायजा लिया। उन्होंने मीडिया को बताया कि फायर ब्रिगेड, पुलिस की अतिरिक्त टीमें और एम्बुलेंस की गाड़ियां (Rescue Operations) को अंजाम देने के लिए तुरंत पहुंच गई थीं। पुलिस टीम अभी भी घटनास्थल पर मौजूद है ताकि साक्ष्य जुटाए जा सकें और यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे या बस के नीचे कोई और व्यक्ति न दबा हो।
कुर्ला हादसे की यादें हुईं ताजा
यह पहली बार नहीं है जब मुंबई की बसों ने मासूमों का खून बहाया है; इस घटना ने 9 दिसंबर 2024 को कुर्ला में हुए उस खौफनाक हादसे की याद दिला दी है जिसमें 7 लोगों की जान गई थी। बार-बार होने वाले ये (Urban Transportation Risks) बताते हैं कि प्रशासन पिछली गलतियों से सीख लेने में नाकाम रहा है। कुर्ला में भी एक बस ने पैदल यात्रियों और कई वाहनों को रौंद दिया था, जिसमें 42 से अधिक लोग घायल हुए थे, और अब भांडुप की इस घटना ने लोगों के मन में फिर से डर पैदा कर दिया है।
राजनीतिक जगत में आक्रोश और जांच की मांग
मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष और लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड़ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि (Public Transport Accountability) के मामले में प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। गायकवाड़ का कहना है कि दोषपूर्ण बसें, अप्रशिक्षित चालक और ‘बेस्ट’ के बेड़े में सुधार के लिए निवेश की कमी के कारण आम आदमी की जान जोखिम में डाली जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बीएमसी और बेस्ट प्रशासन की चुप्पी
महानगरपालिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि बस को पीछे की ओर ले जाते समय ही यह घातक चूक हुई थी। हालांकि, आधिकारिक तौर पर (Municipal Corporation Responsibility) को लेकर अभी तक कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है। शहर के व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों के बाहर यातायात प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जो इंतजाम होने चाहिए थे, वे इस हादसे के समय नदारद दिखे। अब जनता जवाब मांग रही है कि आखिर उनकी सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा।



