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NCC Republic Day Camp Address: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवाओं को बताया देश की दूसरी सुरक्षा पंक्ति

NCC Republic Day Camp Address: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के गणतंत्र दिवस शिविर में युवाओं के जोश को नई ऊर्जा दी। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि एनसीसी न केवल एक प्रशिक्षण संस्था है, बल्कि यह देश की “दूसरी सुरक्षा पंक्ति” है। मौजूदा समय में (NCC Republic Day Camp Address) वैश्विक स्तर पर फैली अनिश्चितताओं को देखते हुए उन्होंने युवाओं को हर चुनौती के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि दुनिया के बदलते समीकरणों के बीच यह कहना कठिन है कि कब कौन सा मोर्चा खुल जाए, इसलिए देश के भविष्य यानी युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ होना अनिवार्य है।

NCC Republic Day Camp Address
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सेना का शौर्य और ऐतिहासिक उदाहरण

रक्षा मंत्री ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए भारतीय सेना के धैर्य और वीरता की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाएं केवल हथियारों से ही नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से भी बहुत शक्तिशाली हैं। उन्होंने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए (National Defense Strategy) बताया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भुज में सैनिकों और एनसीसी कैडेट्स का जज्बा देखने लायक था। राजनाथ सिंह ने इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि 1965 और 1971 के युद्धों में भी कैडेट्स ने एक मजबूत दीवार बनकर देश की सेवा की थी। उन्होंने आज के दौर की तुलना महाभारत से की, जहाँ युवाओं को अभिमन्यु की तरह हर चक्रव्यूह को भेदकर विजयी होने का मंत्र दिया।

कंफर्ट जोन को त्यागने की नसीहत

आज की आधुनिक जीवनशैली और सुविधाओं पर कटाक्ष करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि वीडियो गेम और इंस्टेंट फूड डिलीवरी जैसी चीजें इंसान को आलसी बना रही हैं। उन्होंने कैडेट्स को समझाया कि जीवन की वास्तविक सफलता कभी भी आराम के दायरे में रहकर हासिल नहीं की जा सकती। एनसीसी के कठोर प्रशिक्षण और (Physical Mental Toughness) सुबह की पीटी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यही अनुशासन युवाओं को मानसिक रूप से फौलादी बनाता है। जो व्यक्ति अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने का साहस करता है, वही आने वाले समय में इतिहास रचने की क्षमता रखता है। आराम की चाहत इंसान को कमजोर बनाती है, जबकि संघर्ष उसे निखारता है।

फोकस और धैर्य की महत्ता

राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में “फोकस” की कमी को आधुनिक समाज की सबसे बड़ी समस्या बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हर किसी को त्वरित परिणाम चाहिए, चाहे वह ज्ञान हो या मनोरंजन। “इंस्टेंट” की यह चाहत युवाओं के लिए एक (Human Focus Improvement) बड़े खतरे के रूप में उभर रही है, क्योंकि जीवन की बड़ी और महत्वपूर्ण लड़ाइयां रातों-रात नहीं जीती जातीं। बड़ी उपलब्धियों के लिए लंबे समय तक धैर्य बनाए रखना और अपने लक्ष्य पर टिके रहना आवश्यक है। एनसीसी की ट्रेनिंग में सिखाया जाने वाला अनुशासन जीवन के हर मोड़ पर काम आता है और व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों में भी विचलित होने से बचाता है।

विकल्प और प्लान बी की तैयारी

कैडेट्स को असफलता से न घबराने की सीख देते हुए रक्षा मंत्री ने हमेशा एक विकल्प या “प्लान बी” तैयार रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब इंसान के पास केवल एक ही रास्ता होता है और वह बंद हो जाता है, तो वह हताशा के अंधकार में डूब जाता है। जीवन को (Strategic Career Planning) टेस्ट क्रिकेट की तरह बताते हुए उन्होंने कहा कि पिच पर डटे रहना सबसे ज्यादा जरूरी है। यदि एक गेंद निकल गई तो निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दूसरी गेंद निश्चित रूप से आएगी और उस पर एक शानदार शॉट लगाने का अवसर हमेशा बना रहता है। जीवन में विकल्पों की मौजूदगी इंसान को टूटने नहीं देती और उसे निरंतर आगे बढ़ने का हौसला प्रदान करती है।

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