Suresh Kalmadi Passes Away at 81: राजनीति और खेल जगत के बड़े चेहरे सुरेश कलमाड़ी ने दुनिया को कहा अलविदा
Suresh Kalmadi Passes Away at 81:भारतीय राजनीति और खेल प्रशासन का एक बड़ा अध्याय मंगलवार को समाप्त हो गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कद्दावर कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की आयु में (Medical Treatment) के दौरान निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और महाराष्ट्र के पुणे स्थित प्रसिद्ध दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती थे, जहाँ उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली।

कांग्रेस के दिग्गज और पुणे की राजनीति के केंद्र (Suresh Kalmadi Passes Away at 81)
सुरेश कलमाड़ी केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि पुणे की राजनीति में दशकों तक उनकी तूती बोलती थी। उन्होंने कई बार संसद में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और (Congress Party Leadership) में अपनी खास जगह बनाई। उनके निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है और उनके समर्थकों का जमावड़ा अस्पताल के बाहर जुटना शुरू हो गया है।
खेल प्रशासन और भारतीय ओलंपिक से गहरा नाता
राजनीति के अलावा खेल जगत में भी कलमाड़ी का नाम बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक (Sports Administration India) की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय खेलों में कई बड़े बुनियादी ढांचे तैयार किए गए, हालांकि उनका करियर विवादों से भी अछूता नहीं रहा, लेकिन खेलों के प्रति उनके जुनून को नकारा नहीं जा सकता।
राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में निभाई थी बड़ी भूमिका
भारत में आयोजित हुए 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) की चर्चा कलमाड़ी के बिना अधूरी है। वे इस आयोजन की आयोजन समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने देश में (International Multi-Sport Event) की मेजबानी का एक बड़ा सपना देखा था। इस दौरान उन पर कई गंभीर आरोप भी लगे, जिसके चलते उन्हें जेल तक जाना पड़ा, लेकिन पुणे के विकास में उनके योगदान को उनके विरोधी भी याद करते हैं।
एक बहुआयामी व्यक्तित्व का दुखद अवसान
कलमाड़ी के निधन से महाराष्ट्र ने अपना एक ऐसा नेता खो दिया है जो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान रखता था। उनके परिवार में दुख का माहौल है और (Political Career Legacy) को याद करते हुए विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा ताकि उनके प्रशंसक अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दे सकें।



