TamilNaduPolitics – मदुरै रैली में पीएम मोदी ने DMK पर किया जोरदार हमला
TamilNaduPolitics – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मदुरै में आयोजित एनडीए की जनसभा में राज्य की राजनीति और मौजूदा सरकार को लेकर तीखा संदेश दिया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने धार्मिक आस्था के उल्लेख से की। उन्होंने बताया कि सभा से पहले वे तिरुप्परनकुंद्रम में भगवान मुरुगन के दर्शन करने गए थे, जहां उन्होंने राज्य और देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इसी दौरान उन्होंने एक युवा भक्त थिरु पूर्णा चंद्रन को याद किया, जिनका हाल ही में निधन हुआ था।

शोक संतप्त परिवार से मुलाकात का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि मदुरै पहुंचने पर उन्होंने दिवंगत भक्त की पत्नी इंदुमति पूर्णा चंद्रन और उनके दो बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घटना ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस कठिन समय में संबल प्राप्त हो। यह उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं और संवेदनशील शासन की जरूरत को रेखांकित करती हैं।
DMK सरकार पर सीधा आरोप
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने राज्य की सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक सख्ती और नीतिगत रवैये के कारण हालात बिगड़े। उनका कहना था कि जनता बदलाव चाहती है और आने वाला चुनाव तमिलनाडु की दिशा तय करेगा। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता ने मन बना लिया है और अगली सरकार एनडीए की होगी। सभा में मौजूद समर्थकों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों के उत्साह से स्पष्ट है कि राजनीतिक परिवर्तन की इच्छा मजबूत हो चुकी है।
मदुरै और प्रशासनिक मुद्दों का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने मदुरै शहर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन विकास की गति अपेक्षित नहीं रही। उन्होंने सड़कों, जल निकासी और कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता है। उनके अनुसार, सुशासन का अर्थ केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम दिखना है।
वंशवाद और भ्रष्टाचार का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लंबे समय बाद पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद डीएमके ने जनता की उम्मीदों पर खरा प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने वंशवाद और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाते हुए कहा कि विकास का लाभ हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचना चाहिए। उनका आरोप था कि मौजूदा व्यवस्था में कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा हुआ, जबकि आम नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझते रहे।
कच्चातिवु और सांस्कृतिक मुद्दों का संदर्भ
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कच्चातिवु द्वीप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अतीत में लिए गए कुछ फैसलों का असर आज भी महसूस किया जाता है। साथ ही उन्होंने जल्लिकट्टू पर लगे प्रतिबंध और बाद में उसे हटाने के प्रयासों का उल्लेख किया। उनका कहना था कि केंद्र सरकार ने तमिल परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने के लिए कदम उठाए हैं। संसद में सेंगोल की स्थापना को भी उन्होंने इसी दिशा में प्रतीकात्मक पहल बताया।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी हलचल
मदुरै की यह रैली ऐसे समय हुई है जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। विभिन्न दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं और जनता के बीच पहुंच बना रहे हैं। प्रधानमंत्री के इस दौरे को चुनावी दृष्टि से अहम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में तमिलनाडु की राजनीति किस दिशा में जाएगी, यह मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेगा, लेकिन फिलहाल राज्य का राजनीतिक तापमान बढ़ता दिख रहा है।



