CricketSelection – अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट विस्तार पर फिर शुरू चर्चा
CricketSelection – टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने एक बार फिर अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने यह अनुरोध उस समय किया जब भारत ने हाल ही में टी20 विश्व कप में जीत हासिल की। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब अगरकर ने अपने अनुबंध को बढ़ाने की बात रखी हो। इससे पहले भी उन्होंने बोर्ड से इसी तरह की मांग की थी, खासकर तब जब टीम ने लगातार बड़े टूर्नामेंट जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की थी।

पहले भी रख चुके हैं अनुबंध बढ़ाने का प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक, आईपीएल 2025 से पहले भी अगरकर ने बीसीसीआई से अपने कार्यकाल को बढ़ाने की इच्छा जाहिर की थी। उस समय टीम इंडिया ने टी20 विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी दोनों में जीत दर्ज की थी, जिससे चयन समिति की भूमिका काफी अहम मानी गई। फिलहाल उनका मौजूदा अनुबंध जून 2027 तक लागू है, लेकिन उसके बाद की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बोर्ड के भीतर मंथन, लेकिन कोई आधिकारिक बयान नहीं
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इस विषय पर बोर्ड के भीतर शुरुआती स्तर पर बातचीत हो चुकी है। हालांकि, बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों—अध्यक्ष मिथुन मन्हास, सचिव देवजीत सैकिया और खुद अगरकर—ने इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इससे साफ है कि मामला अभी विचाराधीन है और अंतिम फैसला आने में समय लग सकता है।
विकल्पों की कमी भी बन रही अहम वजह
बोर्ड के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस पद के लिए फिलहाल कोई स्पष्ट विकल्प नजर नहीं आ रहा है। चर्चाओं में वेस्ट जोन के एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर का नाम जरूर सामने आया है, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। ऐसे में स्थिरता बनाए रखने के लिए अगरकर को ही आगे जारी रखने पर विचार किया जा सकता है।
आगामी बड़े टूर्नामेंट को देखते हुए अहम फैसला
बीसीसीआई को यह निर्णय लेते समय आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को भी ध्यान में रखना होगा। साल 2027 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल और वनडे विश्व कप जैसे बड़े आयोजन होने हैं। ऐसे में चयन समिति की निरंतरता टीम की तैयारी और रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अगरकर के कार्यकाल की उपलब्धियां और चुनौतियां
जून 2023 में चयन समिति के प्रमुख बने अगरकर के कार्यकाल में भारत ने तीन बड़े आईसीसी खिताब अपने नाम किए हैं, जिनमें दो टी20 विश्व कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी शामिल है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है, जहां भारत ने 33 मैचों में से केवल दो में हार झेली। इसके अलावा 2023 और 2025 के एशिया कप जीतकर टीम ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी।
हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में तस्वीर उतनी सकारात्मक नहीं रही है। घरेलू मैदान पर लगातार दो सीरीज में हार और विदेश में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाना टीम के लिए चिंता का विषय रहा है। यही कारण है कि चयन समिति के कामकाज पर संतुलित नजर से मूल्यांकन किया जा रहा है।
टीम में बदलाव और भविष्य के सवाल
अगरकर के कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया में बड़े बदलाव भी देखने को मिले हैं। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों ने अलग-अलग फॉर्मेट से दूरी बनाई है। जहां अश्विन पूरी तरह से संन्यास ले चुके हैं, वहीं कोहली और रोहित फिलहाल वनडे क्रिकेट में सक्रिय हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये दोनों दिग्गज 2027 विश्व कप तक टीम का हिस्सा रहेंगे या नहीं।



