SanjuSamson – चयन से संघर्ष तक, फिर मैच जिताऊ पारी…
SanjuSamson – जब जनवरी में टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम की घोषणा हुई थी, तब सबसे ज्यादा उत्साह संजू सैमसन के समर्थकों में दिखाई दिया। चयनकर्ताओं ने उस समय बड़ा फैसला लेते हुए उपकप्तान शुभमन गिल को बाहर रखा, जिससे टीम संयोजन में बदलाव हुआ। सैमसन के लिए यह सुनहरा मौका माना जा रहा था। ईशान किशन को बैकअप विकेटकीपर और सलामी बल्लेबाज के रूप में जगह मिली, लेकिन प्राथमिक विकल्प के तौर पर सैमसन को देखा जा रहा था।

न्यूजीलैंड श्रृंखला ने बदली तस्वीर
विश्व कप से ठीक पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई श्रृंखला ने परिस्थितियां बदल दीं। तिलक वर्मा के चोटिल होने के बाद ईशान किशन को ऊपरी क्रम में मौका मिला। वहीं सैमसन पांच पारियों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। वह एक भी बार 30 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाए और तीन बार एकल अंक पर आउट हुए। इस प्रदर्शन का असर विश्व कप के शुरुआती मुकाबलों में दिखा, जहां टीम प्रबंधन ने उन्हें अंतिम एकादश से बाहर रखा।
टीम ने शुरुआती मैचों में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत की। यह निर्णय टीम संतुलन को ध्यान में रखकर लिया गया था।
वापसी का मौका और भरोसा
हालांकि टीम प्रबंधन ने संयम बनाए रखा। कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने संयोजन पर दोबारा विचार किया। आखिरकार रिंकू सिंह की जगह सैमसन को मौका मिला। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले में सैमसन ने 97 रन की नाबाद पारी खेलकर चयनकर्ताओं के भरोसे को सही साबित किया।
यह मुकाबला नॉकआउट जैसा था और दबाव साफ महसूस हो रहा था। ऐसे में सैमसन ने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया। उनकी पारी ने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि आलोचनाओं का जवाब भी दिया।
गौतम गंभीर की प्रतिक्रिया
मैच के बाद गौतम गंभीर ने सैमसन की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम को हमेशा उनके कौशल पर भरोसा था। गंभीर के अनुसार, सैमसन में विश्व स्तरीय क्षमता है और जरूरी था कि उन्हें समर्थन मिले। उन्होंने यह भी कहा कि जब खिलाड़ी को भरोसा मिलता है, तो वह मैदान पर अपने खेल से जवाब देता है।
गंभीर ने यह भी उल्लेख किया कि न्यूजीलैंड श्रृंखला सैमसन के लिए चुनौतीपूर्ण रही थी, लेकिन टीम प्रबंधन को उनकी प्रतिभा पर संदेह नहीं था। उनके मुताबिक, नेट्स में सैमसन की तैयारी और आत्मविश्वास साफ नजर आ रहा था, जिसका असर इस अहम मुकाबले में दिखा।
आगे की राह
अब भारत सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुका है और टूर्नामेंट अपने निर्णायक चरण में है। सैमसन की यह पारी उनके लिए नई शुरुआत साबित हो सकती है। चयन से लेकर बेंच तक और फिर मैच जिताने तक का यह सफर दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धैर्य और आत्मविश्वास कितना अहम है।
आने वाले मुकाबलों में टीम को उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी। फिलहाल, सैमसन ने यह साबित कर दिया है कि मुश्किल दौर के बाद भी मजबूत वापसी संभव है।



