ShivamDube – ट्रेन यात्रा पर चर्चा के बीच अश्विन का संतुलित बयान सामने आया
ShivamDube – टी20 विश्व कप जीत के बाद भारतीय टीम के ऑलराउंडर शिवम दुबे का एक साधारण सा फैसला अचानक चर्चा का विषय बन गया। फाइनल के अगले ही दिन उन्होंने अहमदाबाद से मुंबई तक का सफर ट्रेन के थर्ड एसी कोच में किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। आमतौर पर स्टार खिलाड़ियों के लिए हवाई यात्रा को प्राथमिकता माना जाता है, ऐसे में दुबे का यह कदम कई लोगों को अलग और सादगी भरा लगा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने अलग नजरिया पेश किया है।

ट्रेन यात्रा को लेकर बढ़ी चर्चा
शिवम दुबे के इस सफर ने लोगों का ध्यान इसलिए खींचा क्योंकि उन्होंने किसी विशेष सुविधा के बजाय आम यात्रियों की तरह यात्रा करना चुना। मुंबई पहुंचने के बाद यह खबर तेजी से फैली और कई लोगों ने इसे उनकी सादगी से जोड़कर देखा। यहां तक कि उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी इस फैसले पर हैरान बताए गए। सोशल मीडिया पर इस यात्रा को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिनमें ज्यादातर सकारात्मक थीं।
अश्विन ने दी सामान्य दृष्टि से प्रतिक्रिया
इसी बीच, एक कार्यक्रम के दौरान रविचंद्रन अश्विन ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी का ट्रेन से सफर करना कोई असाधारण बात नहीं है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने भी अपने करियर में कई बार ट्रेन से यात्रा की है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की जरूरत नहीं है। अश्विन के अनुसार, इस तरह की खबरों को अनावश्यक महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।
स्टार खिलाड़ियों के जीवन पर भी रखा पक्ष
अश्विन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका बयान किसी खिलाड़ी की आलोचना नहीं है, बल्कि वह केवल इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि खिलाड़ियों को भी सामान्य जीवन के छोटे-छोटे अनुभवों का आनंद लेने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अक्सर अपनी व्यस्तता और सुरक्षा कारणों से सामान्य जीवन से दूर हो जाते हैं, जबकि ऐसे साधारण पल ही असली खुशी देते हैं।
छोटे पलों में खुशी तलाशने की बात
कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अच्छा लगेगा अगर खिलाड़ी कभी आम लोगों की तरह चाय की दुकान पर जाकर चाय पी सकें और बिना किसी औपचारिकता के लोगों से मिल सकें। उनका मानना है कि जीवन का असली आनंद इन्हीं छोटे पलों में छिपा होता है, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।
परिवार से मिलने की थी जल्दबाजी
शिवम दुबे के ट्रेन से सफर करने के पीछे एक व्यक्तिगत वजह भी सामने आई है। दरअसल, वह जल्द से जल्द अपने परिवार के पास पहुंचना चाहते थे। मुंबई में उनके छोटे बच्चे उनका इंतजार कर रहे थे, और फ्लाइट में सीट उपलब्ध न होने के कारण उन्होंने ट्रेन का विकल्प चुना। उन्हें थर्ड एसी में ही टिकट मिला, जिसे उन्होंने बिना हिचक स्वीकार किया।
साधारण तरीके से पूरा किया सफर
यात्रा के दौरान दुबे ने खुद को भीड़ से दूर रखने के लिए मास्क और टोपी का इस्तेमाल किया, ताकि ज्यादा ध्यान आकर्षित न हो। इस तरह उन्होंने बिना किसी विशेष व्यवस्था के अपनी यात्रा पूरी की और सीधे अपने परिवार के पास पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम ने जहां एक ओर लोगों के बीच चर्चा पैदा की, वहीं अश्विन की टिप्पणी ने इसे एक अलग दृष्टिकोण से देखने का मौका भी दिया।



