SriLankaT20Exit – लगातार हार के बाद सेमीफाइनल से बाहर हुई टीम
SriLankaT20Exit – टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका की यात्रा उम्मीदों के विपरीत समय से पहले ही थम गई। टूर्नामेंट की शुरुआत में मजबूत दावेदार मानी जा रही टीम सुपर-8 चरण में लगातार हार के बाद सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई है। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड से मिली पराजय ने उसके आगे बढ़ने की संभावनाओं को समाप्त कर दिया। इससे पहले लीग चरण के अंतिम मुकाबले में जिम्बाब्वे से हार भी टीम के लिए झटका साबित हुई थी।

अपने घरेलू मैदान पर खेले जा रहे मुकाबलों के बावजूद प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। अब इस निराशाजनक अभियान के बाद टीम प्रबंधन और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
बोर्ड स्तर पर बड़े फैसलों के संकेत
सूत्रों के अनुसार श्रीलंका क्रिकेट प्रशासन टीम के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा करने की तैयारी में है। कप्तान दासुन शनाका और राष्ट्रीय चयन समिति के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हैं। रिपोर्टों में संकेत मिला है कि सुपर-8 चरण का अंतिम मुकाबला समाप्त होने के बाद नेतृत्व स्तर पर बदलाव हो सकता है।
हेड कोच सनथ जयसूर्या पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि टूर्नामेंट समाप्ति के बाद वह अपने पद से हट जाएंगे। ऐसे में टीम के लिए यह चरण एक बड़े पुनर्गठन की शुरुआत माना जा रहा है।
कप्तान का बयान और माहौल
न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद कप्तान शनाका ने स्वीकार किया कि परिणाम निराशाजनक रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीम को अपनी कमियों का अंदाजा है, लेकिन बाहरी आलोचना और नकारात्मक माहौल खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव बनाता है। उनके अनुसार खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य के लिए सकारात्मक वातावरण बनाना आवश्यक है, ताकि उभरते खिलाड़ियों को स्थिरता मिल सके।
प्रदर्शन क्यों रहा कमजोर
विश्लेषकों का मानना है कि श्रीलंका की बल्लेबाजी इकाई अपेक्षित निरंतरता नहीं दिखा सकी। महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट गिरने और मध्यक्रम की अस्थिरता ने टीम को नुकसान पहुंचाया। गेंदबाजी में भी शुरुआती सफलता के बाद दबाव बनाए रखने में कठिनाई हुई।
घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाने की उम्मीद थी, लेकिन रणनीतिक स्तर पर चूक और बड़े मैचों में संयम की कमी ने टीम की राह कठिन बना दी।
आगे की राह
अब श्रीलंका के सामने सबसे बड़ी चुनौती विश्वास बहाल करने की है। प्रशासनिक स्तर पर बदलाव के साथ-साथ टीम संयोजन और तैयारी पद्धति में भी सुधार की संभावना जताई जा रही है।
अंतिम सुपर-8 मुकाबला भले ही औपचारिकता भर रह गया हो, लेकिन यह टीम के लिए सम्मान बचाने का अवसर होगा। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि श्रीलंका क्रिकेट किस दिशा में कदम बढ़ाता है और किस तरह भविष्य की रणनीति तय की जाती है।



