T20Record – ओमान पर बड़ी जीत से ऑस्ट्रेलिया ने की बराबरी
T20Record – टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया का अभियान उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन टीम ने अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में एक ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने रिकॉर्ड पुस्तिका में उसका नाम फिर दर्ज करा दिया। सुपर-8 की दौड़ से बाहर होने के बाद मिचेल मार्श की अगुवाई वाली टीम ने ओमान के खिलाफ एकतरफा जीत हासिल की और लक्ष्य का पीछा करते हुए विश्व कप इतिहास की संयुक्त सबसे बड़ी जीत की बराबरी कर ली।

जिम्बाब्वे और श्रीलंका से मिली हार का असर
ऑस्ट्रेलिया को इस टूर्नामेंट में दो अहम झटके लगे। पहले जिम्बाब्वे ने उलटफेर करते हुए उन्हें हराया, फिर श्रीलंका ने भी मात दी। इन हारों के चलते टीम अंक तालिका में पीछे रह गई और अगले चरण के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी। 2021 की चैंपियन टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन ग्रुप चरण में निरंतरता की कमी साफ दिखी।
ओमान के खिलाफ गेंदबाजी से बनी नींव
ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले गेंदबाजी करते हुए ओमान को 16.2 ओवर में 104 रन पर समेट दिया। लेग स्पिनर एडम जैंपा ने मध्य ओवरों में अहम विकेट निकालकर विपक्षी टीम की रफ्तार रोक दी। सीमित स्कोर ने ऑस्ट्रेलिया को आक्रामक रणनीति अपनाने का अवसर दिया, जिसका पूरा फायदा बल्लेबाजों ने उठाया।
62 गेंदें शेष रहते लक्ष्य हासिल
105 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने महज 9.4 ओवर में जीत दर्ज की। टीम ने 62 गेंदें शेष रहते मुकाबला समाप्त किया, जो टी20 विश्व कप इतिहास में 100 से अधिक रनों के सफल पीछा करते हुए संयुक्त रूप से सबसे बड़ी जीत मानी जाती है। इससे पहले इंग्लैंड ने 2024 संस्करण में अमेरिका के खिलाफ 116 रन का लक्ष्य इसी अंतर से हासिल किया था।
मार्श की आक्रामक पारी
कप्तान मिचेल मार्श ने 31 गेंदों पर 66 रन बनाकर मैच को एकतरफा कर दिया। उनकी पारी में तेज स्ट्रोक्स और लगातार बाउंड्री शामिल रहीं, जिससे रन गति लगातार ऊंची बनी रही। ओपनिंग साझेदारी ने लक्ष्य को आसान बना दिया और अंत तक किसी तरह का दबाव नहीं बनने दिया।
रिकॉर्ड सूची में ऑस्ट्रेलिया का नाम
टी20 विश्व कप में 100 से अधिक रन के लक्ष्य का सबसे तेज पीछा करने के मामलों में ऑस्ट्रेलिया पहले भी शामिल रहा है। 2007 में श्रीलंका के खिलाफ 102 रन का लक्ष्य 58 गेंदें शेष रहते हासिल किया गया था। अब ओमान के खिलाफ यह उपलब्धि जोड़कर टीम ने इस सूची में अपनी मौजूदगी दोहराई है।
मिश्रित रहा टूर्नामेंट
ओमान पर बड़ी जीत के बावजूद ऑस्ट्रेलिया के लिए यह अभियान संतोषजनक नहीं कहा जा सकता। टीम को आयरलैंड के खिलाफ जीत मिली थी, लेकिन अहम मुकाबलों में चूक ने आगे बढ़ने की राह रोक दी। अंतिम मैच में मिला रिकॉर्ड जरूर मनोबल बढ़ाने वाला रहा, पर टूर्नामेंट से बाहर होने की निराशा बनी रही।



