उत्तर प्रदेश

CrimeNetwork – कफ सिरप तस्करी मामले में छह और आरोपी गिरफ्तार

CrimeNetwork – कफ सिरप तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में वाराणसी पुलिस ने बुधवार को छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर हवाला चैनल के जरिए अवैध धन के लेनदेन में शामिल थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह तस्करी से जुड़े पैसों को इधर-उधर करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।

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किन-किन जगहों से जुड़े हैं आरोपी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में राजस्थान, दिल्ली, बलिया और गाजीपुर के निवासी शामिल हैं। इनमें से कुछ आरोपी वाराणसी में दुकानों पर काम करते थे और वहीं रहते थे। सभी को शहर के अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया। अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों की गतिविधियां लंबे समय से निगरानी में थीं।

हवाला नेटवर्क से जुड़ाव की पुष्टि

पूछताछ में सामने आया कि इन आरोपियों का संपर्क वाराणसी के एक कारोबारी से था, जो इस पूरे नेटवर्क में अहम कड़ी माना जा रहा है। उसी के माध्यम से ये लोग कथित तौर पर मुख्य सरगना के लिए धन का इंतजाम करते थे। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क कई स्तरों पर काम करता था और अलग-अलग राज्यों से जुड़ा हुआ था।

नकदी और उपकरणों की बरामदगी

गिरफ्तार आरोपियों के पास से करीब 19 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई है। इसके अलावा नोट गिनने की मशीनें, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी पुलिस ने जब्त किया है। एक दिन पहले ही इसी मामले में एक अन्य आरोपी से बड़ी रकम बरामद की गई थी, जिससे जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।

कोड के जरिए होता था लेनदेन

जांच में यह भी सामने आया है कि हवाला कारोबार को संचालित करने के लिए विशेष कोड प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता था। छोटे मूल्य के नोटों के नंबरों को पहचान के रूप में उपयोग किया जाता था। संबंधित व्यक्ति को पहले उस नोट की तस्वीर भेजी जाती थी और फिर उसी कोड के आधार पर नकदी का आदान-प्रदान होता था। यह तरीका पहचान छुपाने के लिए अपनाया जाता था।

विभिन्न राज्यों तक फैला नेटवर्क

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क केवल एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार कई राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों तक जुड़े हुए थे। नकदी की आवाजाही के लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जाता था, जबकि कुछ मामलों में दूसरे राज्यों के नेटवर्क की मदद से रकम पहुंचाई जाती थी। इससे यह संकेत मिलता है कि मामला व्यापक स्तर पर फैला हुआ है।

कमीशन के आधार पर काम करते थे आरोपी

पूछताछ में यह भी पता चला कि इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों को प्रति लाख रुपये पर तय प्रतिशत के हिसाब से कमीशन मिलता था। यह दर अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार बदलती थी। गिरफ्तार किए गए कई आरोपी सामान्य नौकरी करते थे, लेकिन अतिरिक्त कमाई के लिए इस नेटवर्क से जुड़ गए थे।

न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी

पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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