Education – लखनऊ में मदरसा बोर्ड परीक्षा शुरू, यूपी बोर्ड की तैयारियों में भी तेजी
Education – लखनऊ में एक बार फिर परीक्षा से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिले में जहां आज से उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं आरंभ हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर आगामी यूपी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही हैं। परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए निगरानी, निरीक्षण और संसाधनों की उपलब्धता पर खास जोर दिया जा रहा है।

मदरसा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू
उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड की वार्षिक परीक्षा 9 फरवरी से शुरू होकर 14 फरवरी तक चलेगी। लखनऊ जिले में इसके लिए कुल छह परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था की गई है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना न रहे। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।
48 मदरसों के 2105 छात्र-छात्राएं होंगे शामिल
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह के मुताबिक, लखनऊ के 48 मदरसों से कुल 2105 छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण और निगरानी तक, हर स्तर पर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इन संस्थानों को बनाया गया है परीक्षा केंद्र
मदरसा बोर्ड परीक्षा के लिए जिले के कुछ प्रमुख मदरसों को परीक्षा केंद्र के रूप में चुना गया है। इनमें केजीएमयू चौराहे के पास स्थित मदरसा सुल्तानुल मदारिस और मदरसा अलफिरदौस रहमानी जैसे संस्थान शामिल हैं। प्रत्येक केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है, जिनकी जिम्मेदारी परीक्षा संचालन से लेकर अनुशासन बनाए रखने तक की होगी।
यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर भी तैयारियां तेज
मदरसा बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों ने भी रफ्तार पकड़ ली है। जिला प्रशासन ने बोर्ड परीक्षा से पहले सभी परीक्षा केंद्रों की बुनियादी सुविधाओं की जांच के लिए पांच विशेष निरीक्षण टीमें गठित की हैं। ये टीमें सोमवार से जिले के सभी केंद्रों का दौरा शुरू करेंगी और मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का आकलन करेंगी।
निरीक्षण में किन बिंदुओं पर रहेगा फोकस
निरीक्षण टीमें परीक्षा कक्षों की स्थिति, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा और शौचालयों की साफ-सफाई जैसे बुनियादी पहलुओं की जांच करेंगी। इसके अलावा स्ट्रांग रूम, वहां रखी अलमारियों और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का भी भौतिक सत्यापन किया जाएगा। किसी भी कमी की स्थिति में केंद्र व्यवस्थापक को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।
121 परीक्षा केंद्रों पर होंगे यूपी बोर्ड के पेपर
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने जानकारी दी कि लखनऊ जिले में आदर्श कारागार सहित कुल 121 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षा में इस बार लगभग 1 लाख 3 हजार 800 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन हर स्तर पर सतर्कता बरत रहा है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
कक्ष निरीक्षक और शिक्षकों की तैनाती की तैयारी
परीक्षा संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए कक्ष निरीक्षकों की सूची तैयार की जा रही है। डीआईओएस कार्यालय इस प्रक्रिया में जुटा हुआ है। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी से करीब दो हजार प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों की मांग की गई है, ताकि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि सभी शिक्षकों और निरीक्षकों को परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।
सख्ती से बढ़ा छात्रों और अभिभावकों का भरोसा
मदरसा बोर्ड और यूपी बोर्ड, दोनों ही परीक्षाओं को लेकर प्रशासन की सख्त निगरानी व्यवस्था से छात्रों और अभिभावकों में भरोसा बढ़ा है। सीसीटीवी निगरानी, नियमित निरीक्षण और जिम्मेदारी तय होने से यह उम्मीद की जा रही है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित रहेगी।



