PMAYUrban – यूपी में 90 हजार शहरी परिवारों को 900 करोड़ की पहली किस्त
PMAYUrban – उत्तर प्रदेश में शहरी गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में सोमवार का दिन अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों को बड़ी आर्थिक सहायता जारी करेंगे। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान लगभग 90 हजार लाभार्थियों के बैंक खातों में आवास निर्माण की पहली किस्त के रूप में करीब 900 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस पहल से उन परिवारों को अपने घर के निर्माण की शुरुआत करने में मदद मिलेगी, जो लंबे समय से पक्के मकान के इंतजार में थे।

लखनऊ में आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम
इस योजना से जुड़ा मुख्य कार्यक्रम सोमवार शाम करीब 4:30 बजे लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया जाएगा। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा समेत कई कैबिनेट मंत्री भी शामिल होंगे।
समारोह में लखनऊ और अयोध्या मंडल के लगभग 1,500 लाभार्थी सीधे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहेंगे। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों के हजारों लाभार्थी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। प्रशासन के अनुसार यह आयोजन केवल आर्थिक सहायता जारी करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लाभार्थियों को योजना से जुड़े अनुभव साझा करने का भी अवसर मिलेगा।
लाभार्थियों को सौंपे जाएंगे स्वीकृति प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रतीकात्मक रूप से कुछ लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाण-पत्र भी प्रदान करेंगे। लगभग 20 लोगों को मंच से प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे, ताकि योजना के लाभार्थियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जा सके।
इसके अलावा मुख्यमंत्री अलग-अलग जिलों के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद भी करेंगे। फतेहपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर, महाराजगंज और देवरिया के लाभार्थियों से बातचीत कर वह जानेंगे कि इस योजना से उन्हें किस प्रकार मदद मिल रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे संवाद से सरकार को योजनाओं की जमीनी स्थिति समझने में भी मदद मिलती है।
आवास निर्माण में यूपी का प्रदर्शन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। वर्ष 2014 से अब तक प्रदेश में इस योजना के तहत करीब 21.35 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
इन आवासों के निर्माण के लिए सरकार द्वारा लाभार्थियों के खातों में अब तक 44,471 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल मकान बनवाना नहीं, बल्कि शहरी गरीबों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
ग्रामीण और शहरी योजनाओं का संयुक्त प्रभाव
यदि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की आवास योजनाओं को मिलाकर देखा जाए तो प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक परिवारों को घर उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण), मुख्यमंत्री आवास योजना तथा अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई जमीनों पर गरीबों के लिए बनाए गए फ्लैट शामिल हैं।
सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को स्थायी आवास मिला है, जो पहले कच्चे या अस्थायी घरों में रहने को मजबूर थे। इससे न केवल जीवन स्तर में सुधार हुआ है बल्कि सामाजिक सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।
पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 से बढ़ी उम्मीद
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी का दूसरा चरण खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया जा रहा है। इस चरण का लक्ष्य उन शहरी परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना है, जिनके पास अभी तक अपना घर नहीं है।
सरकार का कहना है कि सोमवार को जारी की जा रही 900 करोड़ रुपये की राशि से हजारों परिवार अपने घर के निर्माण की नींव रख पाएंगे। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी प्रणाली के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी स्तर पर अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि समय पर आर्थिक सहायता मिलने से निर्माण कार्य में तेजी आएगी और लाभार्थियों को जल्द ही अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिलेगा।



