उत्तर प्रदेश

PropertyFraud – अलीगढ़ में फर्जी दस्तावेजों से जमीन सौदा, जांच शुरू

PropertyFraud – अलीगढ़ में जमीन से जुड़े एक विवाद और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों ने प्रशासन का ध्यान खींचा है। एक ओर विदेश में रह रहे व्यक्ति की संपत्ति पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा और सौदा किए जाने का मामला सामने आया है, वहीं दूसरी ओर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर से बड़ी रकम की ठगी का आरोप लगा है। दोनों ही मामलों में शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी गई है।

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विदेश में रहने वाले व्यक्ति की जमीन पर विवाद

मूल रूप से अमरोहा के रहने वाले फुजैलर्रहमान, जो इस समय कनाडा में रहते हैं, ने आरोप लगाया है कि अलीगढ़ स्थित उनकी जमीन को फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर बेच दिया गया। पीड़ित के अनुसार, करीब 500 वर्गगज का यह प्लॉट क्वार्सी बाईपास क्षेत्र में स्थित है। उनका कहना है कि वर्ष 2007 में कुछ लोगों ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया और बाद में वहां पेट्रोल पंप तक स्थापित कर दिया गया।

शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

फुजैलर्रहमान का आरोप है कि उस समय उन्होंने डाक के माध्यम से शिकायत भेजी थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वर्ष 2024 में जब वह अलीगढ़ पहुंचे, तो उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी विस्तार से मिली। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उनके नाम का उपयोग करते हुए जमीन का सौदा करने की कोशिश की और इस प्रक्रिया में कथित तौर पर गलत दस्तावेज तैयार किए गए।

फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी का आरोप

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि कुछ व्यक्तियों ने मिलकर उनके नाम से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कराई। इस दस्तावेज का इस्तेमाल जमीन से जुड़े लेनदेन और कब्जे के लिए किया गया। उनका यह भी कहना है कि मामले को उलझाने के लिए उनके खिलाफ झूठे मुकदमे भी दर्ज कराए गए। इस संबंध में उन्होंने जनवरी 2026 में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने मुख्यमंत्री कार्यालय से भी न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव ने जिला प्रशासन को पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब स्थानीय प्रशासन इस मामले में दस्तावेजों और संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच कर रहा है।

निवेश के नाम पर प्रोफेसर से ठगी

इसी बीच शहर में एक और मामला सामने आया है, जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने अपने पूर्व छात्र पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी छात्र ने निवेश के नाम पर प्रोफेसर को विभिन्न योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया। बताया गया कि आरोपी खुद को कई व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ा बताता था।

बड़ी रकम लेकर आरोपी फरार

प्रोफेसर का आरोप है कि उन्होंने तीन वर्षों के दौरान आरोपी को करीब 75 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 25 लाख रुपये नकद दिए। कुल मिलाकर यह रकम लगभग एक करोड़ रुपये होती है। आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपी ने संपर्क के सभी साधन बंद कर दिए और अलीगढ़ छोड़कर चला गया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सिविल लाइन थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। क्षेत्राधिकारी के अनुसार, मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक जांच पर टिकी निगाहें

दोनों मामलों ने शहर में कानून व्यवस्था और दस्तावेजी प्रक्रियाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। एक ओर जमीन विवाद में फर्जीवाड़े के आरोप हैं, तो दूसरी ओर निवेश के नाम पर भरोसे का दुरुपयोग सामने आया है। अब जांच के निष्कर्ष पर ही यह तय होगा कि इन मामलों में किसकी क्या जिम्मेदारी बनती है।

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