SalaryDelay – मानदेय न मिलने से फीकी पड़ सकती है होली
SalaryDelay – होली से ठीक पहले गोरखपुर के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हजारों आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मचारियों के बीच मायूसी का माहौल है। त्योहार सिर पर है, लेकिन अब तक उनके खातों में मानदेय नहीं पहुंचा है। मुख्यमंत्री स्तर से समय पर भुगतान के निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर राशि जारी नहीं हो सकी है। बुधवार को होली है और बैंक सिर्फ सोमवार को खुलने की संभावना है, ऐसे में कर्मचारियों को भुगतान के लिए अंतिम समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के हजारों कर्मचारी प्रभावित
जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिए बड़ी संख्या में संविदा कर्मी तैनात हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 1760 एनएचएम कर्मचारी और 430 आउटसोर्सिंग कर्मी विभिन्न परियोजनाओं में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की 38 टीमें भी इन्हीं कर्मियों के सहारे संचालित हो रही हैं। इसके अलावा बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लगभग 1200 आउटसोर्सिंग और 375 एनएचएम कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।
टीबी अस्पताल और अन्य इकाइयों में भी असर
एयरपोर्ट के पास स्थित 100 बेड वाले टीबी अस्पताल में कार्यरत 45 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से मानदेय नहीं मिला है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में भी लगभग 500 कर्मचारी आउटसोर्सिंग और संविदा व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं। इनमें नर्स, वार्ड बॉय और सफाईकर्मी शामिल हैं, जो रोजमर्रा की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि त्योहार के समय खर्च बढ़ जाता है और बिना वेतन के घर का बजट संभालना मुश्किल हो रहा है।
प्रशासन ने दिए आश्वासन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि रविवार को सीमित समय के लिए ट्रेजरी खुली थी और आवश्यक कागजात पूरे कर भेज दिए गए हैं। उनका कहना है कि प्रयास किया जा रहा है कि सोमवार को बैंक खुलते ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी जाए। प्रशासनिक स्तर पर यह भी कहा गया है कि किसी तरह की तकनीकी बाधा को दूर किया जा रहा है ताकि कर्मचारियों को समय पर राशि मिल सके।
पेंशनरों में भी असंतोष
केवल संविदा कर्मचारी ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मियों में भी नाराजगी है। पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक में इस मुद्दे पर चिंता जताई गई। पदाधिकारियों का कहना है कि त्योहार से पहले पेंशन खातों में आ जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक राशि जमा नहीं हुई है। बैठक में मौजूद सदस्यों ने समयबद्ध भुगतान की मांग दोहराई और प्रशासन से जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया।
संयुक्त परिषद की मांग
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधियों ने भी इस मामले को उठाया है। परिषद के पदाधिकारियों ने केंद्र और राज्य स्तर पर संबंधित अधिकारियों को संदेश भेजकर दो मार्च तक वेतन और पेंशन जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि भुगतान में और देरी हुई तो कर्मचारियों का त्योहार प्रभावित होगा। साथ ही ई-कुबेर पोर्टल में संभावित तकनीकी समस्या की जांच कराने की भी मांग की गई है।
त्योहार से पहले वेतन और पेंशन का मुद्दा अब प्रशासन के लिए प्राथमिकता बन गया है। कर्मचारी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अंतिम समय में भुगतान हो जाएगा और वे अपने परिवार के साथ होली का उत्सव सामान्य रूप से मना सकेंगे।



