School Violence: बैट से किया वार फिर जाति से इनकार! प्राइमरी स्कूल में दलित छात्र को शिक्षक ने जमकर पीटा
School Violence: यूपी के रायबरेली जिले में बछरावां थाना क्षेत्र के राघवपुर में प्राथमिक स्कूल के एक दलित छात्र के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल के एक शिक्षक ने कथित रूप से छात्र को बैट से पीटा, जिससे छात्र घायल हो गया। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश फैला दिया है

पीड़ित छात्र और परिजनों की शिकायत
कक्षा एक के छात्र ऋतिक, पुत्र रामबरन निवासी गरीब दास का पुरवा मजरे राघवपुर, स्कूल में हुए मारपीट का शिकार हुआ। परिजनों का आरोप है कि शिक्षक ने किसी मामूली बात को लेकर छात्र के सिर पर बैट से वार किया, जिससे उसका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया
ग्रामीणों और परिजनों का विरोध
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और परिजन स्कूल पहुंचे और प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए स्कूल का घेराव किया। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों के साथ केवल मारपीट ही नहीं होती, बल्कि छुआछूत और जातिगत भेदभाव भी किया जाता है
थाने में तहरीर और पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना परिजनों ने डायल 112 पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और माहौल को शांत कराया। इसके बाद पीड़ित पिता रामबरन ने थुलेडी चौकी में तहरीर देकर न्याय की मांग की (Police Action on School Violence). पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
स्कूल प्रशासन पर उठ रहे सवाल
इस घटना ने स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन और ग्रामीण प्रधानाचार्य पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे
दलित छात्रों के खिलाफ भेदभाव की आशंका
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल में दलित छात्रों के साथ अन्याय और भेदभाव किया जाता है। मारपीट के साथ-साथ उन्हें अन्य छात्रों से अलग रखा जाता है और कई बार उन्हें छुआछूत का सामना करना पड़ता है
पीड़ित छात्र की वर्तमान स्थिति
ऋतिक का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। उसके पिता का कहना है कि स्कूल में यह घटना मंगलवार दोपहर हुई थी। परिजनों का आरोप है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूल प्रशासन गंभीर नहीं है
समुदाय और मीडिया की प्रतिक्रिया
स्थानीय ग्रामीणों और मीडिया ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर भी इस घटना की कड़ी निंदा हो रही है
कानूनी प्रावधान और आगे की कार्रवाई
एससी-एसटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो सकती है। परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी शिक्षक और प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और छात्र को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े
निष्कर्ष: बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की जिम्मेदारी
राघवपुर स्कूल में हुई इस घटना ने यह साफ कर दिया कि बच्चों की सुरक्षा, स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी और जातिगत भेदभाव जैसी समस्याओं पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कानूनी कार्रवाई और निगरानी जरूरी है



