UP Cabinet Meeting: अयोध्या में बनेगा दुनिया का सबसे भव्य मंदिर संग्रहालय, यूपी कैबिनेट ने स्वास्थ्य-निवेश और जलापूर्ति पर भी लिए बड़े फैसले
UP Cabinet Meeting: अयोध्या में बनेगा दुनिया का सबसे भव्य मंदिर संग्रहालय, यूपी कैबिनेट ने स्वास्थ्य-निवेश और जलापूर्ति पर भी लिए बड़े फैसले

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई ऐसे निर्णय लिए जिनसे राज्य का चहुंमुखी विकास तेज़ होगा। सबसे खास बात रही अयोध्या में विश्व स्तरीय मंदिर संग्रहालय बनाने की मंज़ूरी। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने, नए निवेश को आमंत्रित करने, गांवों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने और दिव्यांगजनों के लिए आधुनिक पुनर्वास केंद्र खोलने जैसे अहम फैसले भी हुए। ये निर्णय धार्मिक पर्यटन से लेकर सामाजिक न्याय तक हर क्षेत्र को छूते हैं।
अयोध्या को मिलेगा वैश्विक मंदिर संग्रहालय, संस्कृति और पर्यटन को नई ऊंचाई
अयोध्या अब सिर्फ रामलला का शहर नहीं रहेगा, बल्कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी मंदिर परंपरा का जीता-जागता दर्शन भी बनेगा। कैबिनेट ने जिस मंदिर संग्रहालय को मंज़ूरी दी है, उसमें देश-विदेश के प्राचीन मंदिरों के मॉडल, दुर्लभ शिलालेख, मूर्तिकला के नमूने और धार्मिक ग्रंथों की प्रतियां रखी जाएंगी। आधुनिक तकनीक से बने 3डी मॉडल और वर्चुअल रियलिटी के ज़रिए लोग सदियों पुराने मंदिरों में घूमने का अनुभव ले सकेंगे। इस परियोजना से न सिर्फ़ विदेशी पर्यटक बढ़ेंगे बल्कि स्थानीय युवाओं को कला-संरक्षण, गाइड, तकनीकी सहायक जैसे ढेरों रोज़गार भी मिलेंगे। अयोध्या अब सचमुच वैश्विक धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र बनने की राह पर है।
स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति, निजी अस्पतालों को बड़ी राहत
स्वास्थ्य के मोर्चे पर सरकार ने कमर कस ली है। निजी क्षेत्र के अस्पताल खोलने वालों को अब ज़मीन खरीदने से लेकर मंज़ूरी तक हर स्तर पर छूट और सुविधा मिलेगी। खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा देने से आने वाले कुछ सालों में हर जिले में बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। आम आदमी को अब बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
निवेश के लिए खुला आमंत्रण, उद्योगों को मिली बड़ी रियायतें
उत्तर प्रदेश को निवेश का सबसे पसंदीदा राज्य बनाने की दिशा में कैबिनेट ने कई ठोस कदम उठाए। नए उद्योग लगाने वालों को एसजीएसटी में आंशिक छूट, स्टांप ड्यूटी में पूरी राहत और एमएसएमई सेक्टर के लिए अलग से सहायता पैकेज की घोषणा की गई है। इन फैसलों से बड़ी कंपनियां तो आएंगी ही, छोटे-मध्यम उद्यमियों को भी अपने पैर जमाने का मौका मिलेगा। नतीजा साफ है – कारखाने बढ़ेंगे, नौकरियां बढ़ेंगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था नई रफ्तार पकड़ेगी।
गांव-गांव पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल, पुरानी पाइपलाइनों का कायाकल्प
पानी की एक-एक बूंद बचाने और हर घर तक शुद्ध जल पहुंचाने की मुहिम को कैबिनेट ने और मज़बूती दी है। कई जिलों में नई पाइपलाइन बिछाने, पुराने सिस्टम को बदलने और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए अतिरिक्त बजट पास किया गया है। जिन इलाकों में गर्मियों में टैंकरों का इंतज़ार करना पड़ता है, वहां अब स्थायी समाधान आने वाला है। जल जीवन मिशन को और तेज़ करने का यह कदम ग्रामीण जीवन को बदल कर रख देगा।
दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण, हर मंडल में खुलेगा आधुनिक पुनर्वास केंद्र
सामाजिक न्याय की दिशा में भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के हर मंडल में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खुलेंगे जहां फिजियोथेरेपी, कौशल प्रशिक्षण और मनोवैज्ञानिक परामर्श की सुविधा मुफ्त या नाममात्र शुल्क पर मिलेगी। इन केंद्रों में आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित विशेषज्ञ रहेंगे। दिव्यांग बच्चे और युवा अब मुख्यधारा में आसानी से जुड़ सकेंगे। यह कदम समावेशी समाज की नींव रख रहा है।
इन सारे फैसलों को देखकर साफ लगता है कि उत्तर प्रदेश सरकार विकास और कल्याण के बीच संतुलन बना रही है। एक तरफ अयोध्या को वैश्विक पहचान मिल रही है तो दूसरी तरफ गांव का आम नागरिक और दिव्यांग भाई-बहन भी मुख्यधारा में शामिल हो रहा है। यह कैबिनेट बैठक सिर्फ फैसलों का संग्रह नहीं, बल्कि नए उत्तर प्रदेश की नींव है।
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