उत्तराखण्ड

DehradunMurderCase – शहीद कर्नल के बेटे की हत्या के मामले में मां समेत पांच गिरफ्तार

DehradunMurderCase – देहरादून में शहीद कर्नल के बेटे अर्जुन शर्मा की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। अब पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले से पर्दा उठा दिया है। जांच में जो कहानी सामने आई, उसने रिश्तों और भरोसे की नींव को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड के पीछे पारिवारिक संपत्ति और पैसों का विवाद मुख्य कारण बना। मामले में अर्जुन की मां बीना शर्मा, उनके करीबी विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि 12 लाख रुपये में सुपारी देकर अर्जुन की हत्या कराई गई।

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गैस एजेंसी और संपत्ति बना विवाद की जड़

पुलिस के मुताबिक, विवाद की शुरुआत वर्षों पहले उस गैस एजेंसी से हुई थी, जो शहीद कर्नल की स्मृति में परिवार को मिली थी। समय के साथ एजेंसी से होने वाली आय और अन्य संपत्तियों को लेकर मतभेद गहराते गए। अर्जुन को शक था कि पारिवारिक आय का बड़ा हिस्सा विनोद उनियाल के प्रभाव में खर्च हो रहा है। जब उसने अपने हिस्से और लेन-देन का हिसाब मांगा, तो परिवार के भीतर तनाव खुलकर सामने आ गया।

14 करोड़ की जमीन और कानूनी अड़चन

जांच में सामने आया कि जीएमएस रोड स्थित एक कीमती जमीन का सौदा 14 करोड़ रुपये में किया गया। बताया जा रहा है कि इस जमीन पर पहले से कर्ज था, जिसे चुकाने के बाद रजिस्ट्री कर दी गई। आरोप है कि सौदे की बड़ी राशि का हिस्सा विनोद के खाते में स्थानांतरित किया गया। जब अर्जुन को इस लेन-देन की जानकारी मिली, तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया और स्टे ले लिया। इससे सौदा अटक गया और आर्थिक दबाव बढ़ने लगा। पुलिस का कहना है कि इसी तनाव ने साजिश को जन्म दिया।

सुपारी किलिंग का खुलासा

पुलिस जांच के अनुसार, हत्या के लिए पहले 15 लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन सौदा 12 लाख रुपये में तय हुआ। तीन लाख रुपये अग्रिम दिए गए और बाकी रकम वारदात के बाद देने की बात कही गई। आरोप है कि विनोद ने अपने ड्राइवर पंकज राणा को अर्जुन की गतिविधियों पर नजर रखने का जिम्मा दिया। बाद में उसी के जरिए शूटरों से संपर्क साधा गया।

दिनदहाड़े हुई गोलीबारी

घटना वाले दिन अर्जुन पर तिब्बती मार्केट के पास गोली चलाई गई। भीड़भाड़ वाले इलाके को इसलिए चुना गया ताकि हमलावर आसानी से भाग सकें। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए दो मुठभेड़ों में पंकज राणा और उसके भाई राजीव को गिरफ्तार कर लिया। राजीव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले में आर्थिक लेन-देन, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। फोरेंसिक और डिजिटल सबूतों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का दावा है कि साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ ठोस चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और संपत्ति विवाद की गंभीर परिणति के रूप में सामने आया है। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं और जांच जारी है।

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