ElectricityTariff – उत्तराखंड में नई बिजली दरें लागू, उपभोक्ताओं को राहत
ElectricityTariff – उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नए टैरिफ की घोषणा करते हुए साफ किया है कि इस बार किसी भी श्रेणी में बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके साथ ही कुछ उपभोक्ता वर्गों को अतिरिक्त छूट भी दी गई है, जिससे घरेलू और व्यावसायिक दोनों स्तर पर खर्च में कमी आएगी। नई दरें एक अप्रैल से लागू हो चुकी हैं और इसका सीधा लाभ प्रदेशभर के उपभोक्ताओं को मिलेगा।

डिजिटल भुगतान और समय पर बिल जमा करने पर छूट
नई व्यवस्था के तहत डिजिटल माध्यम से बिजली बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को 1.5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके अलावा, यदि कोई उपभोक्ता अन्य माध्यमों से समय पर बिल जमा करता है, तो उसे 1 प्रतिशत की छूट मिलेगी। हालांकि, यह छूट निर्धारित सीमा तक ही लागू होगी। आंशिक भुगतान करने पर यह सुविधा नहीं मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को समय पर भुगतान और डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहित करना है।
होटल और उद्योग क्षेत्र को भी राहत
नए टैरिफ में पर्यटन से जुड़े कारोबारों को भी ध्यान में रखा गया है। ऑफ सीजन के दौरान होटल और रेस्तरां को बिजली बिल में राहत मिलेगी, जिससे इस क्षेत्र को आर्थिक मदद मिल सके। इसके साथ ही विभिन्न औद्योगिक श्रेणियों में भी बिजली दरों को संतुलित रखते हुए कुछ मामलों में लागत कम करने की व्यवस्था की गई है, ताकि उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।
प्रस्तावित बढ़ोतरी को आयोग ने किया खारिज
ऊर्जा निगम की ओर से बिजली दरों में करीब 17 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया था। अन्य एजेंसियों के प्रस्ताव जोड़ने पर यह आंकड़ा और अधिक हो सकता था। लेकिन आयोग ने जांच के दौरान पाया कि प्रस्ताव में कुछ ऐसे खर्च शामिल किए गए थे, जिन्हें उचित नहीं माना गया। इन बिंदुओं को खारिज करते हुए उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला लिया गया।
फ्लैट और अपार्टमेंट में रहने वालों को विशेष लाभ
नई दरों में ग्रुप हाउसिंग और अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को खास राहत दी गई है। सिंगल प्वाइंट बल्क बिजली सप्लाई की दर को घटाकर 7.50 रुपये प्रति यूनिट से 6.25 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है। इससे बिल्डरों और रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी के माध्यम से बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं के बिल कम होंगे। लंबे समय से इस व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आते रहे थे, जिन्हें अब काफी हद तक सुलझाने की कोशिश की गई है।
प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त सुविधा
प्रीपेड मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को भी इस बार राहत जारी रखी गई है। घरेलू उपभोक्ताओं को 4 प्रतिशत और अन्य श्रेणियों को 3 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इसके अलावा, प्रीपेड स्मार्ट मीटर धारकों से किसी प्रकार की सिक्योरिटी राशि नहीं ली जाएगी। केवल अस्थायी कनेक्शन के मामलों में ही यह नियम लागू होगा।
उपभोक्ताओं के हित में संतुलित फैसला
आयोग का यह निर्णय उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। एक ओर जहां बिजली दरों को स्थिर रखा गया है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न स्तरों पर राहत देने की कोशिश की गई है। इससे आम लोगों के साथ-साथ व्यवसाय और उद्योग क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।



