HaridwarCorridor – गंगा तट विकास के लिए 124 करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी
HaridwarCorridor – उत्तराखंड सरकार ने राज्य के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 124 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें हरिद्वार के गंगा कॉरिडोर को खास प्राथमिकता दी गई है। इस फैसले के तहत हरिद्वार के प्रमुख घाटों के पुनरुद्धार और सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से न केवल धार्मिक पर्यटन को मजबूती मिलेगी, बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव में भी सुधार होगा।

गंगा घाटों के पुनरुद्धार पर विशेष फोकस
स्वीकृत बजट में से 50.23 करोड़ रुपये हरिद्वार के प्रमुख घाटों के विकास के लिए निर्धारित किए गए हैं। इनमें हरकी पैड़ी, मालवीय द्वीप, सुभाष घाट, कांगड़ा घाट और रोड़ी बेलवाला जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। साथ ही इन घाटों से जुड़े पुलों के सुधार कार्य भी किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इन स्थानों पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में सुविधाओं का बेहतर होना जरूरी है। इस परियोजना के तहत साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पहुंच मार्गों को आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे आने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा मिल सके।
आधारभूत ढांचे और आपदा प्रबंधन को मजबूती
इन योजनाओं का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण ही नहीं है, बल्कि राज्य के आधारभूत ढांचे को भी मजबूत करना है। सरकार पेयजल व्यवस्था, बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन तंत्र को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है, इसलिए इन परियोजनाओं में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इन सुधारों से स्थानीय निवासियों को भी लंबे समय तक लाभ मिलेगा।
कॉरिडोर परियोजनाओं को लेकर सख्त निर्देश
हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने गंगा और शारदा नदी से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की थी। इस दौरान हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवरफ्रंट और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि अगले छह महीनों में इन योजनाओं पर जमीन स्तर पर ठोस प्रगति दिखाई देनी चाहिए। साथ ही, कार्यों की नियमित निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया ताकि किसी प्रकार की देरी न हो।
कुंभ मेले की तैयारियों को मिल रही गति
राज्य सरकार आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है। शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कुंभ को भव्य और सुव्यवस्थित बनाना है। उन्होंने हरिद्वार दौरे के दौरान मेला प्रशासन और जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान घाटों, पार्किंग व्यवस्था और पुलों के निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य तय समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे होने चाहिए।
केंद्र से मिला आर्थिक सहयोग और व्यवस्थाओं पर जोर
कुंभ मेले की तैयारियों के लिए केंद्र सरकार की ओर से 500 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया गया है। इस राशि का उपयोग बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। मंत्री कैड़ा ने कहा कि हरिद्वार की पहचान देश की प्रमुख धार्मिक नगरी के रूप में है, इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
धार्मिक संतों से मुलाकात और आशीर्वाद
हरिद्वार दौरे के दौरान मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कनखल स्थित आश्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान कुंभ मेले की तैयारियों और धार्मिक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के साथ उन्होंने वेद मंदिर आश्रम का भी दौरा किया, जहां संत समाज ने उनका स्वागत किया। इस पहल को सरकार और धार्मिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के रूप में देखा जा रहा है।