Immigration – ऋषिकेश में अवैध घुसपैठ कर पहुंची बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार
Immigration – देहरादून में हाल ही में हुई एक सनसनीखेज रोडरेज घटना के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में प्रदेशभर में ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जा रहा है, जिसके तहत बाहरी लोगों की पहचान और सत्यापन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस और खुफिया एजेंसियों को लगातार अहम सफलता मिल रही है।

ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई तेज
प्रदेश में चल रहे इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। देहरादून में कुछ दिन पहले एक संदिग्ध आईएसआई एजेंट की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। इसी सतर्कता का परिणाम है कि अब ऋषिकेश में एक बांग्लादेशी महिला को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली होते हुए ऋषिकेश पहुंची महिला
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार महिला ने करीब एक माह पहले बांग्लादेश से सीमा पार की थी। इसके बाद वह दिल्ली पहुंची और वहीं से 13 अप्रैल को बस के जरिए ऋषिकेश आई। यह पूरा घटनाक्रम इस बात की ओर संकेत करता है कि सीमापार से अवैध घुसपैठ का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है और इसे लेकर एजेंसियां गंभीरता से जांच कर रही हैं।
तलाशी में मिले संदिग्ध दस्तावेज
गिरफ्तारी के बाद जब महिला की तलाशी ली गई तो उसके पास से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए। इनमें बांग्लादेश का पहचान पत्र, नागरिकता प्रमाणपत्र की फोटोकॉपी, एक मोबाइल फोन और कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड शामिल है। इन दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला किस तरह से पहचान छिपाकर भारत में रह रही थी।
गोपनीय सूचना के आधार पर गिरफ्तारी
कोतवाली प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट के अनुसार, एलआईयू को पहले ही इस महिला की मौजूदगी को लेकर गोपनीय जानकारी मिल गई थी। इसके बाद पुलिस और खुफिया टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की। बुधवार को चारधाम ट्रांजिट केंद्र के पीछे स्थित सड़क पर घेराबंदी कर महिला को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान उसकी पहचान 24 वर्षीय रीना उर्फ रीता के रूप में हुई, जो बांग्लादेश के सरियातपुर जिले की निवासी बताई जा रही है।
मानव तस्करी के एंगल की भी जांच
पूछताछ में महिला ने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए ‘रिपोन’ नाम के एक व्यक्ति के संपर्क में आई थी। उसी ने उसे भारत में रोजगार दिलाने का लालच दिया और सीमा पार कराने में मदद की। इस खुलासे के बाद पुलिस अब इस पूरे मामले को मानव तस्करी के एंगल से भी जांच रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रिपोन नामक व्यक्ति फिलहाल फरार है और उसकी तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जारी
इस मामले ने एक बार फिर सीमापार घुसपैठ और उससे जुड़े नेटवर्क की सक्रियता को उजागर किया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह मामला किसी बड़े गिरोह से जुड़ा है। साथ ही, महिला के संपर्कों और उसके मोबाइल डेटा की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।