PoliticalUpdate – भाजपा से जुड़े नेताओं के कांग्रेस जाने पर धामी का बयान
PoliticalUpdate – उत्तराखंड की राजनीति में हाल ही में कुछ नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा है कि जिन लोगों के बारे में यह कहा जा रहा है कि वे भाजपा छोड़कर कांग्रेस में गए हैं, वे वास्तव में पार्टी के सक्रिय सदस्य थे ही नहीं। एक टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान उन्होंने इन दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि इस तरह की खबरों से गलत संदेश देने की कोशिश की जा रही है।

धामी ने बताया, क्यों नहीं थे भाजपा के सदस्य
मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताते हुए कहा कि जिन नेताओं के नाम सामने आए हैं, उनका राजनीतिक इतिहास अलग रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ लोग पहले अन्य दलों में रहे और बाद में परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग दलों से जुड़े। कुछ ऐसे भी रहे जिन्होंने पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ा, जिसके बाद उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं रह गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों को भाजपा का नेता बताना सही नहीं है।
चुनावी इतिहास का दिया हवाला
धामी ने कहा कि जिन व्यक्तियों को भाजपा का बताकर प्रचारित किया जा रहा है, उनमें से कई पहले अन्य दलों से जुड़े रहे हैं। कुछ ने अलग-अलग चुनावों में टिकट की मांग की, जबकि कुछ ने पार्टी के खिलाफ ही चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के बाद ऐसे लोग स्वतः ही संगठन से बाहर हो जाते हैं, इसलिए उन्हें भाजपा से जोड़ना उचित नहीं है।
अफवाह फैलाने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि यह सब एक रणनीति के तहत किया जा रहा है, ताकि यह दिखाया जा सके कि राज्य में भाजपा कमजोर हो रही है। उन्होंने इसे अफवाह की राजनीति करार देते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति इससे अलग है और भाजपा संगठन लगातार मजबूत हो रहा है।
भाजपा की स्थिति को लेकर दिया भरोसा
धामी ने कहा कि पार्टी का जनाधार मजबूत है और राज्य में राष्ट्रवादी सोच रखने वाले लोगों का समर्थन भाजपा के साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नामों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता इन बातों को समझती है और सच्चाई को पहचानती है।
हाल में कांग्रेस में शामिल हुए नेता
गौरतलब है कि हाल के दिनों में रुद्रपुर, घनसाली और सितारगंज सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कुछ पूर्व जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा है। इनमें पूर्व विधायक और स्थानीय निकायों से जुड़े कुछ प्रमुख नाम भी शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।



