Railway Accident – युवक की करंट से मौत, जंगली जानवर से बचते हुए हुआ हादसा
Railway Accident – देहरादून के लच्छीवाला इलाके में सोमवार शाम एक भयावह घटना ने स्थानीय लोगों को सकते में डाल दिया। बताया जा रहा है कि एक युवक जंगली जानवर से बचने के प्रयास में रेलवे ट्रैक के पास लगे बिजली के खंभे पर चढ़ गया, जहाँ वह अचानक हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। करंट लगने के कारण युवक गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना स्थल का मंजर
कोतवाली पुलिस के अनुसार, सूचना मिलते ही टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। लच्छीवाला के जीरो प्वाइंट के पास, दून-हरिद्वार रेलवे ट्रैक के पास, पुलिस को एक युवक का जला-झुलसा शव मिला। शव की हालत इतनी गंभीर थी कि मौके पर उसकी पहचान करना असंभव था। स्थानीय लोगों की मदद से भी मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए अहम साक्ष्य
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। रेलवे ट्रैक के पास लगे विद्युत पोल और उसके आसपास जलने के स्पष्ट निशान मिलने से स्पष्ट हो गया कि युवक को करंट लगा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्य
हर्रावाला चौकी प्रभारी रघुवीर कपरूवाण ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि युवक किसी जंगली जानवर से बचने के लिए अचानक बिजली के खंभे पर चढ़ गया। इसी दौरान हाई वोल्टेज करंट के संपर्क में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र लगभग 30 वर्ष अनुमानित की जा रही है।
स्थानीय लोगों और पुलिस की पूछताछ
स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी युवक को नहीं पहचाना। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक लच्छीवाला का निवासी था या किसी अन्य जगह से आया था। पुलिस आसपास के थानों में भी युवक की जानकारी साझा कर रही है ताकि उसकी पहचान जल्दी हो सके।
शव का सुरक्षित रखरखाव और कानूनी प्रक्रिया
पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखा है। शिनाख्त होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और परिवार को सूचित किया जाएगा।
सुरक्षा और चेतावनी संदेश
इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय लोगों को यह चेतावनी दी है कि रेलवे ट्रैक और उच्च वोल्टेज पोल के पास किसी भी प्रकार का जोखिम उठाना बेहद खतरनाक है। जंगली जानवरों से बचने के प्रयास में ऐसी घटनाएं घातक साबित हो सकती हैं।



