उत्तराखण्ड

TempleEntryPolicy – बदरी-केदार में गैर सनातनियों के प्रवेश पर तय हुई नई शर्तें

TempleEntryPolicy – उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों बदरीनाथ और केदारनाथ धाम को लेकर मंदिर प्रशासन ने एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके तहत मंदिर परिसरों में गैर-सनातन धर्म के लोगों के प्रवेश को लेकर नई शर्तें तय की गई हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति खुद को सनातन परंपरा में आस्था रखने वाला घोषित करेगा, उसे दर्शन की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए एक औपचारिक हलफनामा अनिवार्य किया जाएगा।

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हलफनामे के आधार पर मिलेगा प्रवेश

समिति के अनुसार, यदि कोई गैर-हिंदू श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करना चाहता है, तो उसे लिखित रूप में यह घोषित करना होगा कि वह सनातन धर्म में विश्वास रखता है। द्विवेदी ने बताया कि इसके लिए एक निर्धारित प्रारूप तैयार किया गया है, जिसे भरने के बाद ही ऐसे लोगों को मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सभी के लिए समान रूप से लागू होगी।

सार्वजनिक बयान में स्पष्ट किया रुख

देहरादून में आयोजित एक प्रेस वार्ता में समिति अध्यक्ष ने कहा कि सनातन धर्म में आस्था रखने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से क्यों न हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई चर्चित व्यक्तित्व या आम व्यक्ति अपनी श्रद्धा को औपचारिक रूप से व्यक्त करता है, तो उसे दर्शन से वंचित नहीं किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मौखिक दावा पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि लिखित प्रमाण देना जरूरी होगा।

प्रस्ताव को मिल चुकी है मंजूरी

गौरतलब है कि यह प्रस्ताव 10 मार्च को आयोजित मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया था। इसमें मंदिर परिसर और गर्भगृह में गैर-सनातन लोगों के प्रवेश को नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया। समिति का मानना है कि यह कदम धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सरकार को भेजा गया प्रस्ताव

समिति ने इस प्रस्ताव को राज्य सरकार के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है। अब इस पर अंतिम निर्णय सरकार द्वारा लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के निर्णयों में प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं का भी ध्यान रखा जाएगा, ताकि किसी प्रकार की विवादित स्थिति उत्पन्न न हो।

चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज

इसी बीच आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं। मंदिर समिति के अनुसार, यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 6 मार्च से शुरू हो चुकी है और 16 मार्च तक छह लाख से अधिक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं। यह संख्या यात्रा को लेकर लोगों की आस्था और उत्साह को दर्शाती है।

कपाट खुलने की तिथियां घोषित

इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर होगी। इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। प्रशासन यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी तैयारियों में जुटा हुआ है।

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