Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में पड़ी जमा देने वाली सर्दी, टूटे सारे रिकॉर्ड, माइनस 6 डिग्री तक पहुंचा तामपान
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में ताज़ा बर्फबारी ने सर्दी का ऐसा आलम बना दिया है कि पहाड़ों से लेकर मैदानों तक ठिठुरन पसरी हुई है। ऊंचे इलाकों में सुबह-शाम पाला गिर रहा है और सफ़ेद चादर ओढ़े पर्वत मानो सर्दियों का उत्सव मना रहे हों। दूसरी ओर मैदानों में कोहरे की मोटी परत ने दिन की शुरुआत को धुंधला बना रखा है। मौसम विभाग के अनुसार आज पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को ठिठुरन से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह पूरा माहौल मौसम की forecast को और भी अहम बना देता है।

Uttarakhand Weather: पहाड़ों की कड़ाके की रात
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सर्दी लगातार अपने चरम पर पहुंच रही है। रात के समय तापमान माइनस 6 डिग्री तक गिर रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ यात्रियों को भी जमकर ठंड का सामना करना पड़ रहा है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे स्थानों में बर्फबारी रुक-रुककर जारी है, जिससे ट्रेल्स और सड़कें सफेद बर्फ की मोटी परत में बदलती जा रही हैं। दिन का तापमान शून्य से ऊपर मुश्किल से 3–4 डिग्री तक पहुंच पा रहा है, जो पूरे इलाके को एक प्राकृतिक climate अनुभव में बदल देता है।
3. धूप की हल्की राहत—मैदानी जगहों का बदला मौसम
देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और पौड़ी में सुबह से ही धूप खिलने की संभावना बताई गई है। हालांकि धूप है, मगर सर्द हवा का असर अभी भी बरकरार रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान 20–22 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जबकि सुबह-शाम की ठंड लोगों को स्वेटर और जैकेट पहने रहने को मजबूर करेगी। रात का न्यूनतम तापमान 10–12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे मौसम एक सुखद पर ठंडा atmosphere बनाए रखेगा।
4. पहाड़ों की खामोशी—दिन में साफ आसमान, रात में कड़ाके की ठंड
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में दिन में आसमान साफ रहेगा, जिससे सूरज की किरणें बर्फीले पहाड़ों पर शानदार नज़ारा पेश करेंगी। लेकिन जैसे ही सूरज ढलता है, शीतलहर की मार शुरू हो जाती है और तापमान माइनस 4 से माइनस 6 डिग्री तक फिसल जाता है। यहां की हवा भले ही सामान्य रफ्तार से बह रही हो, लेकिन ठंड की तीव्रता किसी भी यात्री की सहनशक्ति की endurance को चुनौती दे सकती है।
5. मैदानों का कोहरा—सुबह का रास्ता और मुश्किल
मैदानी जिलों में कोहरा लगातार बना हुआ है। सुबह और देर शाम को सड़कें, वाहन और आसमान सब कुछ कोहरे की मोटी परत में छिपे नजर आते हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तराखंड पर नहीं पड़ रहा है, इसलिए बादल, बारिश या ओलावृष्टि जैसी कोई गतिविधि देखने को नहीं मिलेगी। कोहरा होने के बावजूद, दिन की धूप तापमान को थोड़ा ऊपर ले जाती है, जो शहरों के visibility को कुछ बेहतर कर देती है।
6. चमकीली धूप—ठंड पर छोटी सी जीत
हालांकि सुबह का कोहरा परेशान करता है, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, धूप का असर स्पष्ट होने लगता है। लोग अपने घरों के बाहर बैठकर गर्माहट का आनंद लेते नजर आते हैं। दुकानों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर हलचल बढ़ जाती है। यह धूप न सिर्फ तापमान बढ़ाती है, बल्कि पूरे दिन का comfort स्तर भी बेहतर कर देती है।
7. पर्यटकों का बढ़ता रुझान—बर्फबारी का आकर्षण चरम पर
उत्तराखंड की ताज़ा बर्फबारी पर्यटकों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। मसूरी, धनोल्टी, औली और माधमहेश्वर जैसे स्थानों पर पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऊंचाई वाले इलाकों की बर्फीली ढलानें और मॉर्निंग व्यूज उन लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, जो सर्दियों का रोमांच जीना चाहते हैं। ये सब क्षेत्र प्राकृतिक tourism के लिहाज से बेहद खास होते जा रहे हैं।
8. बिजली और पानी पर असर—पहाड़ों की कठिनाई बढ़ी
जहां बर्फबारी खूबसूरती लेकर आती है, वहीं रोजमर्रा की जिंदगी को भी मुश्किल बना देती है। ऊंचाई वाले इलाकों में जमावदार बर्फ की वजह से बिजली के तारों पर दबाव बढ़ जाता है और पानी की पाइपलाइनें जम जाती हैं। इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। तकनीकी टीमें लगातार काम में जुटी हैं, ताकि लोगों की दैनिक utility सेवाएं प्रभावित न हों।
9. स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी—सावधानी जरूरी
उत्तराखंड में बढ़ती ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर सुबह और रात के समय बाहर निकलने से बचने को कहा गया है। अत्यधिक ठंड से हाइपोथर्मिया और सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड में शरीर की immunity काफी प्रभावित हो सकती है।
10. फिलहाल स्थिर मौसम—बारिश की अभी कोई संभावना नहीं
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल उत्तराखंड पर किसी भी पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव नहीं पड़ रहा है। यही वजह है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश या ओलावृष्टि की संभावना नगण्य है। आसमान साफ रहता है, तो धूप भी तेज निकलती है, जिससे दिन का तापमान सामान्य से कुछ ऊपर बना रहेगा। राज्य में फिलहाल मौसम की यह स्थिरता लोगों के outlook को थोड़ा सहज बना रही है।



