Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, भारी बर्फबारी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी
Uttarakhand Weather: देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर कुदरत के तेवर बदलने वाले हैं। मौसम विभाग ने राज्य में एक नए और प्रभावशाली पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की आधिकारिक पुष्टि की है। इस मौसमी बदलाव का असर अगले तीन दिनों तक पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। शनिवार से शुरू होने वाला यह सिलसिला फरवरी के शुरुआती तीन दिनों तक जारी रहेगा, जिसके चलते मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश और ऊंचाइयों पर स्थित पहाड़ों पर भारी बर्फबारी का अनुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है क्योंकि आने वाले दिनों में ठिठुरन काफी बढ़ सकती है।

आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के अधिकतर जनपदों के लिए विशेष बुलेटिन जारी किया है। इसके मुताबिक, एक से तीन फरवरी के बीच बादलों की गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने की घटनाएं हो सकती हैं। इस दौरान पहाड़ों पर झोंकेदार हवाएं चलने की भी प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा है, क्योंकि बर्फबारी और बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन या फिसलन जैसी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। यह विक्षोभ विशेष रूप से उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में अधिक प्रभावी रहने की उम्मीद है।
हल्द्वानी में पारा लुढ़कने के आसार
कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में शुक्रवार से ही आसमान में बादलों की लुकाछिपी का दौर शुरू हो गया है। बीते कुछ दिनों की तुलना में शुक्रवार को धूप की तपिश काफी कम महसूस की गई। शहर का अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही शनिवार से बारिश का सिलसिला शुरू होगा, तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे तराई और भाबर के इलाकों में भी गलन वाली ठंड की वापसी होगी।
नैनीताल में खुशनुमा मौसम के बीच चेतावनी
पर्यटन नगरी नैनीताल में शुक्रवार का दिन सैलानियों के लिए काफी सुकून भरा रहा। सरोवर नगरी में दिन भर खिली चटख धूप ने ठंड से राहत दी और मौसम काफी सुहाना बना रहा। जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को यहां का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, स्थानीय मौसम विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यह सुकून भरा मौसम केवल शुक्रवार तक ही सीमित रहने वाला है। एक फरवरी से सक्रिय होने जा रहे नए सिस्टम के कारण नैनीताल के आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी।
पर्यटन और कृषि पर मौसमी बदलाव का असर
उत्तराखंड के बागवानों और किसानों के लिए यह बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय से शुष्क रहे मौसम के बाद बारिश और बर्फबारी की यह उम्मीद सेब के बागानों और रबी की फसलों के लिए अमृत समान साबित हो सकती है। दूसरी ओर, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि भारी बर्फबारी के बाद पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। हालांकि, खराब मौसम के दौरान चारधाम रूट और अन्य दुर्गम रास्तों पर यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।



